कश्मीर घाटी में कुपवाड़ा और बडगाम जिले में आम जनता को राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा किए जा रहे प्रसार या प्रचार को पोस्टिंग या अपलोड करने से परहेज करने के निर्देश जारी किये गए हैं। बता दें कि यह निर्देश दोनों जिलों के जिला उपायुक्तों द्वारा जारी किए गए हैं।
जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत हुआ है कि कुछ राष्ट्र-विरोधी व्यक्ति या समूह इंटरनेट पर पोस्ट या अपलोड या फॉरवर्डिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार करके सोशल मीडिया नेटवर्किंग प्लेटफार्मों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इसके पीछे उनका इरादा आतंकवादियों और उनके कार्यों का महिमामंडन करना आम को डराना और आतंकित करना रहता है। जनता के सदस्यों को हिंसा का सहारा लेने के लिए उकसाने के इरादे से आतंकवादी और अलगाववादी संगठनों के भड़काऊ संदेशों और प्रचार को साझा करना, घृणा को प्रोत्साहित करना और फैलाना, आतंकवादी और अलगाववादी विचारधारा और झूठे आख्यानों का प्रचार करना, धार्मिक आधार पर घृणा, दुर्भावना की भावना को बढ़ावा देना है जिससे सार्वजनिक व्यवस्था और शांति को बिगाड़ने की संभावना है।
इन राष्ट्र-विरोधी व्यक्तियों या समूहों की ओर से ऐसे कृत्य राज्य की सुरक्षा, कानून और व्यवस्था के रखरखाव के लिए हानिकारक हैं और सार्वजनिक शांति को बिगड़ने की संभावना है। जबकि, इन राष्ट्र-विरोधी व्यक्तियों या समूहों की ओर से ऐसे कृत्यों का उद्देश्य आम नागरिकों और सार्वजनिक पदाधिकारियों को उनके वैध कर्तव्यों के निर्वहन से आतंकित करना है।
इसलिए धारा 144 सीआरपीसी 1973 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, जिला मजिस्ट्रेट आम जनता को पोस्टिंग या अपलोड या प्रचार करने से परहेज करने के लिए प्रतिबंधित और आदेश देता हूं। और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।