श्रीनगर/पुंछ। यूक्त्रस्ेन में जम्मू-कश्मीर के छात्र भी फंसे हुए हैं, जो वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों और उनके परिजनों ने केंद्र सरकार से सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई?है। ??
मेंढर के गांव पराटां निवासी नासिम चौधरी लाइवली मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तीसरे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है। नासिम चौधरी युद्ध के हालात में भी अपने परिजनों को हौसला दे रहा है। कहा- कि आप चिंता न करें, अल्लाह सब ठीक करेगा। नासिम ने पिता से बात करते हुए वहां के हालात बताए। कहा, यूक्त्रस्ेन में सभी एटीएम बंद हो गए हैं। सिर्फ दो से तीन दिन का ही खाने पीने का सामान मौजूद है। यूक्त्रस्ेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे श्रीनगर के दानिश ने बताया कि यहां काफी हालात खराब हैं और तनाव का माहौल है। उसके साथ करीब 14 और कश्मीरी छात्र हैं। सभी एक साथ हैं। लाइवली मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तीसरे सेमेस्टर में पढ़ रहे नासिम के पिता मोहम्मद अजीज चौधरी पुलिस से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में जम्मू में रह रहे हैं। वह वीरवार देर शाम दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। मोहम्मद अजीज चौधरी ने फोन पर बात करते हुए बताया कि हम लोग कल रात से जाग रहे हैं और जब से टीवी पर यूक्त्रस्ेन पर रूस के हमले की खबरें मिली हैं, हमारी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि बुधवार रात आठ बजे बेटे से बात हुई थी। युद्ध के हालात से वह भी परेशान हैं, लेकिन हमें हौसला दे रहा था कि आप चिंता न करें, अल्लाह सब ठीक करेगा। नासिम ने बताया कि यूक्त्रस्ेन के सभी एटीएम भी बंद हो गए हैं। उनके पास दो से तीन दिन का ही खाने पीने का सामान मौजूद है। अजीज ने बताया कि इसके बाद उनकी बेटे से बात नहीं हो पाई। गांव पराटां में रहने वाले नासिम के रिश्तेदार भी उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
हालात काफी खराब और तनाव का मौहाल
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र अथवाजन का दानिश रसूल यूक्त्रस्ेन की ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। उसका पांचवां साल है। दानिश के पिता गुलाम रसूल शेख ने कहा कि जैसे ही उन्होंने टीवी में यूक्त्रस्ेन पर रूसी हमले की खबर देखी तो बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है।
रसूल ने बताया कि उनके बेटे ने बताया कि वहां माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। उसके साथ और भी कश्मीरी छात्र हैं, जो यहां फंसे हुए हैं। रसूल ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह वहां फंसे भारतीय छात्रों की घर वापसी में मदद करें। दानिश की बहन भी अपने भाई को लेकर काफी चिंतित है। यूक्त्रस्ेन के ओडेसा में फंसे दानिश रसूल ने फोन पर अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कहा कि वह वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और उनका पांचवां साल है। दानिश ने बताया कि ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में करीब 15 कश्मीरी छात्र हैं जो यहां फंसेे हुए हैं। दानिश ने बताया कि यहां काफी हालात खराब हैं और तनाव का माहौल है।
दूतावास की सलाह-सायरन सुनाई दे तो बंकरों में जाएं
दानिश ने बताया कि भारतीय दूतावास की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है कि वह जहां हैं वहीं रहें। अगर सायरन की आवाज सुनाई देती है तो गूगल मैप का इस्तेमाल कर नजदीक के अंडरग्राउंड बंकरों में चले जाएं। दानिश ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार उनकी अपील पर गौर करेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल यूक्त्रस्ेन आर्मी बेस को निशाना बनाया जा रहा है।