फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शोपियां में शहीद दोनों जवानों को सेना ने दी श्रद्धांजलि

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। शोपियां मुठभेड़ में शहीद हुए सेना के जवान संतोष यादव व रोहित तानाजी चव्हाण को रविवार को सेना ने बीबी कैंट परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में श्रद्धांजलि अर्पित की। चिनार कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे और सभी रैंक के अफसरों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी दोनों जवानों की शहादत को सलाम करते हुए उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
विज्ञापन

शोपियां जिले के चेरमार्ग गांव में शनिवार तड़के भीषण गोलीबारी में दोनों जवान शहीद हो गए थे। शहीद सिपाही संतोष यादव उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रूद्रपुरी तहसील जबकि सिपाही रोहित तानाजी चव्हाण महाराष्ट्र के थाने जिले के रहने वाले थे।
-----------
लोगों को बचाते हुए दी अपनी जान
शोपियां में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद 14 घंटे लंबा ऑपरेशन चला। सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और छिपे हुए आतंकवादी का सफाया कर दिया। सेना ने कहा-दोनों वीर जवानों ने अनुकरणीय बहादुरी का काम किया। पहले गोलाबारी में घायल हो गए और बाद में अस्पताल में वे शहीद हो गए। इन नायकों ने भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपरा के तहत नागरिकों को बचाते हुए राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
विज्ञापन

------------
सिपाही तानाजी के परिवार में सिर्फ मां
सिपाही रोमित तानाजी चव्हाण सिर्फ 23 साल के थे और 2017 में सेना में शामिल हुए थे। वह महाराष्ट्र के ठाणे जिले के ग्राम लोकमान्य नगर के थे और उनके परिवार में उनकी मां हैं। सिपाही संतोष यादव 28 साल के थे और 2015 में सेना में शामिल हुए थे। वह उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले थे। उनके परिवार में सिर्फ उनकी मां है।
---------
शहीद संतोष के परिवार में उनकी पत्नी
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर के रहने वाले सिपाही संतोष यादव का 20 अक्तूबर 1994 को हुआ था। वह 22 जून 2015 को सेना में शामिल हुए थे। परिवार में अन्य सदस्यों के अलावा उनकी 28 वर्षीय पत्नी हैं।
---------------
सैन्य सम्मान के साथ होगा दोनों का अंतिम संस्कार
सेना ने कहा, दोनों शहीदों के पार्थिव शरीरों को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थानों पर ले जाया जाएगा, जहां उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में सेना शोक शहीदों के परिवार के साथ खड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें