पुलवामा। पुलवामा हमले के शहीदों को लेथपोरा में सोमवार को आयोजित समारोह में श्रद्धांजलि दी गई। कहा गया कि शहीद जवानों के प्रति प्यार और सम्मान ही हम सबके लिए वेलेंटाइन डे है।
सीआरपीएफ के जवान अरूप देबनाथ ने कहा कि आज ही के दिन लेथपोरा में आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। उनके लिए हमारे दिल में जो प्यार है वह मरते दम तक रहेगा। उन्होंने कहा कि जितने भी आतंकी संगठन हैं वह यह न समझें कि आप लोगों ने 40 जवानों को शहीद कर कोई बड़ी उपलब्धि पा ली है। यह कुछ नहीं है, हम लोगों का हौसला और बढ़ चुका है और हम आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। आतंकियों को ललकारते हुए कहा कि छुपकर वार करना कायरता है। हिम्मत है तो सामने आकर वार करो। हम कायर नहीं, देश के लिए मर मिटने की हिम्मत रखते हैं।
एडीजी दलजीत सिंह चौधरी ने कहा, हमारा प्रयास है कि पूरे क्षेत्र में अमन चैन हो और जवानों का बलिदान सफल हो। उसे हम व्यर्थ नहीं जाने देंगे। साथ ही कहा, आज जवानों के बलिदान को पूरा देश याद कर रहा है। अगर समारोह में कोई नेता या बड़ा प्रशासनिक अधिकारी शामिल होता तो और अच्छा होता। सीआरपीएफ जवान संतोष कुमार ने कहा, हम जवानों के बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर श्रद्धांजलि समारोह में कोई राजनेता या बड़ा अधिकारी आता तो जवानों का मनोबल और बढ़ता। सीआरपीएफ के 185वीं बटालियन मुख्यालय में आईजी (ऑपरेशन) कश्मीर एमएस भाटिया सहित सीआरपीएफ के अन्य अधिकारियों और जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर जवानों की शहादत को नमन किया।
पहली बरसी पर स्थापित किया गया था शहीद स्मारक
पुलवामा आतंकी हमले की पहली बरसी पर स्थापित किए गए शहीद स्मारक पर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। यह शहीद स्मारक घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित सीआरपीएफ की 185वीं बटालियन के मुख्यालय परिसर में स्थापित किया गया है। स्मारक पर शहीद हुए 40 जवानों की तस्वीरों के साथ साथ उनके नाम और सीआरपीएफ का ध्येय वाक्य ‘सेवा और निष्ठा’ भी अंकित किया गया।