कश्मीर छोड़ जम्मू पहुंचे कर्मचारी, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी
कश्मीर से पलायन कर जम्मू लौटे कर्मचारियों ने शुक्रवार को ऑल जम्मू बेस्ड रिजवर्ड केटेगरी इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने रजनी बाला, राहुल भट्ट, विजय कुमार, रंजीत सिंह अमर रहे के नारे लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि घाटी में डर का माहौल है। वे वहां वापस जाने वाले नहीं हैं। वे कश्मीर में नौकरी नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में उन्हें जम्मू में तैनात किया जाना चाहिए। अगर सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती है तो वे संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे और उन्होंने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी भी दी।
श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर सुलह मोर्चा ने किया प्रदर्शन
श्रीनगर के घंटाघर के पास जम्मू-कश्मीर सुलह मोर्चा ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, सिख इतिहाद जिंदाबाद के नारे लगाए। मोर्चा के अध्यक्ष संदीप मावा ने कहा कि टारगेट किलिंग की जितनी निंदी की जाए वो कम है। पाकिस्तान और उसके समर्थक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने गुपकार गैंग (गठबंधन) की भी कड़ी आलोचना की। संदीप मावा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। लोगों को कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए।
घाटी से बाहर ट्रांसफर की मांग के लिए अल्पसंख्यक कर्मी संघर्षरत
वहीं, घाटी में कश्मीर अल्पसंख्यक फोरम ने प्रदर्शन अस्थगित कर आज सामूहिक पलायन करने का आह्वान किया है। इसके लिए नवयुग टनल के पास एकत्रित होने की अपील की गई है। फोरम का कहना है कि घाटी में सभी अल्पसंख्यकों के सामने सरकार ने कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। आए दिन आतंकी अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि घाटी में पीएम पैकेज के तहत नौकरी कर रहे कश्मीरी पंडित 12 मई से कश्मीर से बाहर तैनाती के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, शिक्षक रजनी बाला की हत्या के बाद अन्य अल्पसंख्यक भी घाटी से बाहर ट्रांसफर की मांग के लिए लामबंद हो गए हैं।
गुरुवार को पहले बैंककर्मी फिर मजदूरों को बनाया निशाना
इससे पहले गुरुवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में इलाकाई ग्रामीण बैंक के मैनेजर की हत्या के 12 घंटे के भीतर आतंकियों ने देर रात बडगाम जिले में दो गैर कश्मीरियों पर हमला किया। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है।
दो दिन पहले ही आतंकियों ने कुलगाम में ही हिंदू शिक्षिका रजनीबाला की हत्या की थी। बीते तीन दिन में आतंकियों ने हिंदुओं पर तीन हमले किए हैं जिनमें तीन जान गई हैं। एक महीने में आतंकियों ने 10 लक्षित हत्याएं की हैं। इनमें तीन गैर मुस्लिम सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। हालात के मद्देनजर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सक्रिय हैं और उन्होंने स्थितियों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बात की है।
सात मई से 2 जून तक आठ लक्षित हत्याएं
दहशतगर्द सात मई से 2 जून तक आठ लक्षित हत्याएं कर चुके हैं। इनमें तीन गैर मुस्लिम सरकारी कर्मचारी हैं। इन घटनाओं से दहशत में आए लगभग तीन हजार से अधिक सरकारी मुलाजिमों ने घाटी छोड़ दी है। इनमें पीएम पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के अलावा रिजर्व कैटेगरी में नियुक्त सरकारी शिक्षक शामिल हैं। घाटी छोड़ने वाले मुलाजिमों ने जम्मू में प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर सरकार से कश्मीर के बाहर उनकी तैनाती करने की मांग की।
गैर राज्य के कर्मी की पहली हत्या
राजस्थान के विजय कुमार की हत्या घाटी में कार्यरत गैर राज्य के कर्मी की पहली हत्या है। इससे पहले श्रीनगर में सतपाल निश्चल नामक पंजाब निवासी सुनार की हत्या बीते साल की गई थी। सतपाल के पास भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट होने की बात सामने आई थी।
दो महीने पहले हुई थी विजय की शादी
दो माह पहले हुई विजय की शादी हुई थी। शादी के बाद अपनी पत्नी के संग कश्मीर में रह रहे थे। होनहार विजय ने पीओ के पद से नौकरी शुरू कर अपनी काबिलियत के बल पर मैनेजर का पद हासिल किया।
कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स ने ली हत्या की जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर फ्रीडम फाइटर नाम के संगठन ने ली है। संगठन के प्रवक्ता वसीम मीर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि विजय के पास डोमिसाइल सर्टिफिकेट थे और जो कोई भी कश्मीर में जनसांख्यिकीय बदलाव को बढ़ावा देगा उसका यही हाल किया जाएगा।
एक महीने में हुई लक्षित हत्याएं
- 02 जून : दो जून को आतंकियों ने दो वारदातों को अंजाम दिया। पहली कुलगाम में बैंक में घुसकर आतंकियों ने बैंक मैनेजर विजय कुमार को मार डाला। देर रात बडगाम में दो गैर कश्मीरी मजदूरों को निशान बनाया। इसमें एक मजदूर की मौत हो गई और एक घायल है
- 31 मई: कुलगाम में हिंदू शिक्षिका रजनी बाला की स्कूल परिसर में घुसकर हत्या
- 25 मई: बडगाम में घर पर टीवी कलाकार अमरीन भट की हत्या, 10 वर्षीय भतीजा हाथ में गोली लगने से घायल
- 24 मई: श्रीनगर में पुलिसकर्मी सैफुल्ला कादरी की हत्या, 7 साल की बेटी घायल
- 17 मई: बारामुला में शराब दुकान पर ग्रेनेड हमला, राजोरी के सेल्समैन रंजीत सिंह की मौत, तीन अन्य घायल
- 13 मई: पुलवामा के गडूरा गांव में निहत्थे पुलिसकर्मी रियाज अहमद की हत्या
- 12 मई: बडगाम में कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की चाडूरा तहसील कार्यालय में हत्या
- 7 मई : श्रीनगर में डॉ अली जान रोड पर आतंकी हमले में पुलिस कांस्टेबल गुलाम हसन डार की मौत