श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने अधिकारियों से कहा है कि वे पूर्व वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता बीए डार की सुरक्षा बरकरार रखते हुए सुरक्षा कवर वापस न लें। इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी। तब तक उन्हें आवंटित सरकारी आवास व बुलेट प्रूफ वाहन भी बरकरार रखें।डार ने पिछले माह पद से इस्तीफा दिया था।
हालांकि न्यायमूर्ति संजीव कुमार की पीठ ने सरकार से कहा कि वह पूर्व वरिष्ठ एएजी की जान को खतरे की स्थिति की समीक्षा करे। अधिकारी अपने निष्कर्ष के साथ अगली सुनवाई पर मौजूद हों और अदालत को उससे अवगत कराएं। डार वर्ष 2016 से शीर्ष अदालतों में जम्मू-कश्मीर सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अपनी याचिका में डार ने कहा कि पिछले महीने पद से इस्तीफा देने से पहले उन्होंने लगभग सात साल तक अपने कर्तव्यों का पालन किया है। राज्य स्तरीय समीक्षा समिति ने मूल्यांकन करते हुए उन्हें एक्स -2 श्रेणी में रखा था। 29 जून, 2017 को उन्हें एक्स श्रेणी में कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पद छोड़ने के समय वह एक्स श्रेणी में संरक्षित व्यक्ति थे। काम की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें श्रीनगर में एक सुरक्षित सरकारी आवास और बुलेट प्रूफ कार प्रदान की गी थी।
सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि जब तक एक नामित समिति के माध्यम से डार को खतरे की धारणा की समीक्षा नहीं की जाती है और अधिकारी एक निश्चित निष्कर्ष पर नहीं आते हैं कि उन्हें किसी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है तब तक सुरक्षा कवर हटाना मनमाना कदम होगा।