कुलगाम जिले के वांपोह में रविवार को आतंकी हमले में मारे गए बिहार के दो श्रमिकों राजा रेशी देव एवं जोगिंदर रेशी के परिजनों को प्रशासन की ओर से एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है। जबकि घायल चुनचुन रेशी दास का इलाज श्रीनगर के स्किम्स में चल रहा है। जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस बीच मिनी बिहार कहलाने वाले वांपोह में रहने वाले गैर प्रांतीय मजदूरों में भय का वातावरण बना हुआ है।
वहां मौजूद मजदूरों ने कहा कि हम घर जाना चाहते हैं अब हमें यहां डर लगता है। रविवार की घटना के बाद हमारे घरवाले भी चिंतित हैं। बिहार के एक मजदूर अफजल अहमद ने कहा कि मैं दस सालों से काम कर रहा हूं परंतु जो खौफ अब दिख रहा है वैसा पहले कभी नहीं देखा। हम काम करने के लिए हर रोज सुबह निकलते थे और रात को लौटते पर अब ऐसा नहीं हैं। कई मजदूरों ने कहा कि घर जाने के लिए पैसा नहीं हैं सरकार हमारी मदद करे। रविवार को मारे गए दोनों श्रमिकों को अपना साथी बताते हुए उन्होंने कहा जब गोली चली तो डर लग कि बाहर कुछ हुआ है। बाद में सूचना मिली कि हमारे लोगों की हत्या कर दी गई तो हम कमरों में छुप गए। सुरक्षा बलों के आने के बाद ही हमने कमरे की लाइट ऑन की।
कभी इतना खौफ नहीं लगा
अनंतनाग रेलवे स्टेशन पर घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचे मजदूरों ने कहा कि इतना खौफ कभी नहीं लगा। यहां बड़ी संख्या में मजदूर अपना घर जाने के लिए पहुंचे थे। इस बीच भाजपा नेता और पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य रफीक वानी ने घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को चाहिए कि वह इस हमले में शामिल आतंकवादियों को जल्द मार गिराए। प्रदेश भाजपा महिला पदाधिकारी रूमेसा रफीक ने भी आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में पार्टी परिवार के साथ है।