राजोरी। जीएमसी राजोेरी में शुक्रवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रख कर घंटों प्रदर्शन किया।
मृतका नसीब बेगम के पति मुंशी खान निवासी अजमाबाद थन्नामंडी ने बताया कि उन्होंने अपनी बीमार पत्नी को शुक्रवार सुबह जीएमसी में भर्ती कराया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टर उनको देखने नहीं पहुंचे। जब डॉक्टर आए तो उन्होंने कहा कि यदि महिला की हालत गंभीर है तो उसे जम्मू रेफर कर दिया जाए। उपचार में देरी न करें।
इस बात को लेकर डॉक्टर के साथ पहले परिजनों की खूब कहासुनी हुई, और बाद में डॉक्टर ने उपचार शुरू किया। डॉक्टर ने महिला को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके करीब आधे घंटे बाद महिला की जीएमसी में ही मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने शव को जीएमसी राजोेरी के सामने सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जमकर जीएमसी प्रशासन व डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने जानबूझकर महिला को गलत इंजेक्शन लगाया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। अब जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन जारी रखेंगे। हालांकि, करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद जीएमसी राजोरी के प्रिंसिपल डॉ. बृज मोहन गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वह इस मामले की जांच करेंगे। और, यदि डॉक्टर दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य से आश्वासन पाकर प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन समाप्त किया और शव को लेकर घर चले गए।