राजोेरी। जेकेपीसीसी अध्यक्ष जीए मीर के साथ कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला और वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के चल रहे सदस्यता अभियान के अलावा प्रस्तावित परिसीमन रिपोर्ट के खिलाफ नाराजगी का जायजा लेने के लिए राजोेरी में रविवार को एक सभा को संबोधित किया। मीर ने परिसीमन रिपोर्ट की आलोचना की। जिसने क्षेत्रों और जिलों के साथ-साथ विधानसभा क्षेत्रों में लोगों को परेशान किया है। रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए पार्टी के रैंक और फाइल को एक साथ काम करने का आह्वान किया। कहा कि कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान नागरिकों के हित में कई परियोजनाओं को लागू किया। यह कांग्रेस ही थी, जिसने जम्मू-कश्मीर के हर नुक्कड़ पर तेजी से विकास सुनिश्चित किया। पानी हो, नाला हो या सड़कें, नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने में कांग्रेस की अहम भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद विकास ठप हो गया है और भ्रष्टाचार हावी हो गया है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के मुद्दे पर भी प्रकाश डाला।
मीर ने दावा किया कि जम्मू और कश्मीर परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट ने आयोग के कुछ सहयोगी सदस्यों सहित पूरे स्पेक्ट्रम में राजनीतिक दलों की कड़ी आलोचना और आपत्तियां पैदा की हैं। जम्मू और कश्मीर में अधिकांश राजनीतिक दलों ने सभी तय मानदंडों की अनदेखी के लिए रिपोर्ट को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मापदंड अपनाए गए हैं। आयोग ने पुलवामा और शोपियां को हटाकर पुंछ और राजोेरी को जोड़कर अनंतनाग संसदीय सीट में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। हैरानी की बात यह है कि मुगल रोड के रास्ते पुंछ और राजोेरी को जोड़ने वाले शोपियां इलाके को श्रीनगर में शामिल कर लिया गया है।
कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला ने कांग्रेस के दायरे और प्रावधानों के तहत काम करने और पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने का वचन दिया। उन्होंने कोरोना वायरस महामारी, लॉकडाउन के दौरान आम लोगों तक पहुंचने के लिए समर्पित प्रयासों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्हें बहु-आयामी क्षेत्रों में अपने प्रयासों को और तेज करने के लिए कहा, विशेष रूप से कोविड के बाद की अवधि में जब संपूर्ण सामाजिक-आर्थिक संरचना आम जनता बुरी तरह प्रभावित हुई और आबादी की हर इकाई को खुद में बदलाव करने की जरूरत है।
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परिसीमन रिपोर्ट के खिलाफ कांग्रेस की रैली
एडीडीसी को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ रविवार को कांग्रेस ने राजोरी में रोष रैली निकाली। इस दौरान रिपोर्ट के खिलाफ नारेबाजी की। डीडीसी उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शब्बीर अहमद खान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने रैली में भाग लिया।
डाक बंगले में एकजुट होकर परिसीमन आयोग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली गुज्जर मंडी चौक से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची। इस अवसर पर कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द आयोग ने इस फैसले में बदलाव नहीं किया तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पूर्व मंत्री ने परिसीमन आयोग तथा केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा के इशारे पर ही आयोग की टीम ने ऐसी रिपोर्ट बनाई। उन्होंने कहा कि खवास तहसील के लोगों को दरहाल के साथ जोड़ा गया है। कालाकोट विस क्षेत्र को खत्म कर दिया गया, कालाकोट का आधा भाग बुद्धल-दरहाल के साथ जोड़ा गया। कुछ भाग सुंदरबनी के साथ जोड़ कर कालाकोट का अस्तित्व मिटाने का प्रयास किया गया है। राजोरी-पुंछ संसदीय सीट को अनंतनाग के साथ जोड़ा गया है जो दोनों सीमावर्ती जिलों के साथ अन्याय है। इस दौरान काफी संख्या में पंचों व सरपंचों सहित कई ग्रामीण भी मौजूद थे। वहीं बाद में एडीडीसी पवन परिहार को ज्ञापन सौंपा गया।
सुंदरबनी के लोगों के अधिकार से खिलवाड़ी बर्दाश्त नहीं
सुंदरबनी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरबनी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर के साथ पार्टी नेताओं ने रविवार को यहां एक सभा को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सुंदरबनी को तोड़कर कुछ क्षेत्र का नौशेरा विधानसभा क्षेत्र तथा कुछ को कालाकोट के साथ जोड़ दिया गया है जो लोगों के अधिकार से खिलवाड़ है। बीते 40 वर्षों से सुंदरबनी के लोग अलग विधानसभा क्षेत्र की मांग कर रहे थे और वजीर कमीशन की रिपोर्ट में सुंदरबनी को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाने की सिफारिश भी की गई, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद परिसीमन आयोग ने सुंदरबनी को अलग विधानसभा क्षेत्र का दर्जा देने के बजाए सुंदरबनी को दो हिस्सों में तोड़कर अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़कर सुंदरबनी को खत्म किया जा रहा है। पार्टी के लोग किसी भी सूरत में इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
जीए मीर ने कहा कि परिसीमन को लेकर सिर्फ सुंदरबनी में आक्रोश नहीं है। हर जगह ऐसा ही हाल है। यह सारा खेल भाजपा ने ही रचा है। उन्होंने कहा कि यहां से तो भाजपा के विधायक रहे रवींद्र रैना जो इस समय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं उनके अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ ऐसा हुआ है तो बाकी क्षेत्र का क्या हाल होगा।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा, वरिष्ठ नेता रमण भल्ला तथा पूर्व विधायक अशोक शर्मा ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।