राजोरी। जिले के बुद्धल थाने के तहत पड़ने वाले तरगाई इलाके में शनिवार की सुबह करीब 4 बजे उस समय सनसनी फैल गई जब गहरी नींद में सो रहे एक युवक की कुछ बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। दूसरी तरफ मृतक के चाचा के घर भी गोलीबारी की गई। हालांकि इस वारदात में अप्रिय घटना नहीं हुई।
पुलिस के अनुसार तरगाई निवासी करामत शाह पुत्र अली अकबर शाह शुक्रवार की अपने कमरे में सो रहा था। शनिवार सुबह करीब 4 बजे अज्ञात लोगों ने उसके कमरे की खिड़की का पहले शीशा तोड़ा और फिर सो रहे युवक पर गोलियां बरसाईं, जिसके चलते उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोलियों की आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास के लोग मौके पर इकट्ठे हुए और तत्काल पुलिस को सूचित किया। वहीं सेना भी मौके पर पहुंच गई। कोटरंका अस्पताल से एक डॉक्टर मौके पर पहुंचे और उन्होंने युवक की जांच की तो उसे मृत पाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कोटरंका के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसका पोस्टमार्टम किया और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिया।
बताया जा रहा है कि मृतक युवक कुछ समय पहले तक कटड़ा में मजदूरी करता था। वहां से कुछ पैसे इकट्ठे करके उसने अपने घर के पास ही दुकान खोली थी और साथ ही भेड़ बकरियां बेचने का काम भी करता था। वह परिवार के लिए कमाने का एकमात्र सहारा था। पुलिस ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने पहले करामत को निशाना बनाया और बाद में मृतक के घर से थोड़ी दूर स्थित उसके चाचा के घर पर भी हमला किया। बंदूकधारियों ने पहले मृतक के चाचा नबी शाह के घर के बाहर विस्फोट करके दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और उसके बाद घर के अंदर गोली चलाई, लेकिन इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। क्योंकि सभी लोग दूसरे कमरे में सो रहे थे।
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पुलिस ने गोली कांड की जानकारी हासिल करते ही मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जांच के लिए डीएसपी ऑपरेशन इम्तियाज अहमद खुद मौके पर मौजूद हैं। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। जल्द ही इस हत्याकांड को सुलझा लिया जाएगा।
-मोहम्मद असलम, एसएसपी, राजोेरी
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स्थानीय लोगों में भारी रोष
स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने हत्या पर विरोध जताते हुए कहा कि यह सारा मामला पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण हुआ है। बीडीसी अध्यक्ष कोटरंका जावेद इकबाल ने बताया कि बुद्धल पुलिस की लापरवाही के कारण ही यह वारदात हुई है। बुद्धल थाने में वर्ष 1947 से पहले ब्रिटिश राज की तरह काम किया जा रहा है। लोगों की कोई सुनवाई नहीं है। पुलिस यदि ढंग से काम करे तो इस तरह की घटना कभी न घटे। उन्होंने एसएसपी से गुहार लगाते हुए कहा कि तत्काल मामले की गहराई से जांच की जाए और हत्या करने वालों को जल्द सलाखों के पीछे बंद किया जाए।
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करीब तीन चार माह पहले भी बुद्धल के दूरदराज इलाके में अपनी पार्टी के कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले में कुछ नहीं कर पाई। वह अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसके चलते बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। आए दिन किसी पर भी गोली चला कर उसे निशाना बनाया जा रहा है।
-फारूक इंकलाबी, केवल गांव