राजोरी। थन्नामंडी के पंगाई मे आतंकवादियों के साथ चार दिन पहले हुई मुठभेड़ के चौथे दिन वीरवार तक फरार हुए आतंकवादियों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। सोमवार और मंगलवार को चमरेर और पंघई (राजोेरी में) क्षेत्रों में आतंकवादियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया था, लेकिन हर बार आतंकवादी कठिन इलाकों, घने जंगलों और भारी अंडरग्राउंड का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। आतंकवादियों के समूह को खत्म करने के लिए पूरे इलाके में अभी भी घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी है।
मंगलवार को राजोेरी -पुंछ पुलिस रेंज के डीआईजी पुलिस विवेक गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह समूह पिछले 2-3 महीनों से इस विशेष क्षेत्र में मौजूद था। रविवार की रात शाहदरा (राजौरी) और चमरेर (पुंछ) बेल्ट में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। इस बीच सेना का एक दल सोमवार की सुबह छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा भारी मात्रा में गोलाबारी की चपेट में आ गया। चार सैनिकों और एक जेसीओ को गंभीर चोटें आईं और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया और शहीद हो गए। अतिरिक्त बल को रवाना किया गया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। दोपहर में पांघई इलाके में आतंकियों के साथ एक और संपर्क स्थापित हुआ लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला पूरा इलाका मे सेना जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय बलों की घेराबंदी में है। डीआईजी पुलिस ने कहा कि चल रहे ऑपरेशन को कम से कम समय में तार्किक निष्कर्ष पर ले जाया जाएगा। सूत्रोें के अनुसारथन्नामंडी के पंगाई गांव के कई युवा, जो पूर्व में हथियार प्रशिक्षण के लिए पीओके गए थे, अभी भी पीओके में सक्रिय हैं और इस समूह में उनमें से 1 या 2 की उपस्थिति से इंकार नहीं किया जा सकता है। आतंकवाद रोधी संयुक्त अभियान अभी भी जारी है। वीरवार को आतंकवादियों के साथ कोई संपर्क स्थापित नहीं किया गया लेकिन तलाशी अभियान जारी है.