राजोरी। जिले के कंडी पुलिस स्टेशन के पास शनिवार रात हुए दोहरे विस्फोट में आतंकी हमलों की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों विस्फोट पुलिस टीमों और भीड़ को निशाना बनाने के उद्देश्य से किए गए। दोनों विस्फोटों के बीच 20 मिनट का अंतर रखने के लिए टाइमर उपकरण का इस्तेमाल किया गया। आईईडी से पहला छोटा धमाका किया गया, ताकि सुरक्षा बल और लोग मौके पर जमा हो जाएं और दूसरे शक्तिशाली धमाके से तबाही मचाई जा सके।
सूत्रों के अनुसार विस्फोट रिमोट कंट्रोल से नहीं, बल्कि टाइमर उपकरण का इस्तेमाल कर किए गए। आतंकी इन विस्फोट से ज्यादा लोगों या सुरक्षा बलों को निशाना बनाना चाहते थे। पहला विस्फोट रात 8.15 बजे और दूसरा रात 8.35 बजे किया गया। सूत्रों के अनुसार आईईडी से दो विस्फोट की यह साजिश कामयाब होती तो कई जानें जा सकती थीं।
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पुलिस की सावधानी से बचीं जानें
आतंकियों की साजिश को पुलिस की सावधानी ने विफल कर दिया। मौके पर पहुंचे कंडी पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी विस्फोट स्थल से दूर रहकर जांच कर रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल पर भीड़ जमा नहीं होने दी। यही कारण है कि दूसरे विस्फोट में पुलिस जवान और आम लोग बच गए। बताया जा रहा है कि पहले धमाके के बाद पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो पुलिस ने पहले विस्फोट वाले स्थान से थोड़ी दूरी पर एक और संदिग्ध वस्तु देखी और सतर्कता बरतते हुए पुलिस ने न तो वहां किसी को आने दिया और स्वयं भी दूर से ही जांच करती रही। वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गई। इसी बीच दूसरा विस्फोट हो गया जो इतना शक्तिशाली था कि उससे कई मकानों के शीशे टूट गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों विस्फोट से इसलिए भी कोई जानी नुकसान नहीं हुआ क्योंकि विस्फोट के समय अधिकतर दुकानें बंद होने के कारण मौके पर भीड़ नहीं थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार आमतौर पर शाम 7.30 बजे से रात 8 बजे के बीच बंद रहते हैं।
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एसआईए ने जुटाए सुराग
आतंकी घटना से जोड़ते हुए स्टेट इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एसआईए) की टीमों ने भी पुलिस के साथ जांच में शामिल होने के लिए कोटरंका में विस्फोट स्थल का दौरा किया और कुछ महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं।
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