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32 बच्चों को किया गया कोविड-केयर सेंटर शिफ्ट

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संक्रमित बच्चों को कोविड केयर में ​शिफ्ट करने की जानकारी देतीं सीएमओ।
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राजोरी। जिले की थन्नामंडी के एक प्राइवेट स्कूल में पाए गए कोेरोेना संक्रमित 32 बच्चों को मंगलवार को सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद कोविड-केयर सेंटर प्लांगड़ में शिफ्ट कर दिया गया। सोमवार को बच्चों को रेंडम सैंपलिंग के दौरान कोरोना संक्रमित पाया गया था। उन्हें कोविड केयर सेंटर शिफ्ट करने के बजाय अभिभावक घर ले गए थे।
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अभिभावकों ने सेंटर में सुविधाएं उपलब्ध न होने और पहले किए गए कोरोना सैंपलिंग पर भरोसा न जताते हुए बच्चों को घर में ही रखने की बात कही थी। मंगलवार को उपायुक्त राजेश कुमार शवन के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमीम भट्टी ने थन्नामंडी का दौरा किया और डीडीसी सदस्य अब्दुल क़्यूम के साथ पॉजिटिव पाए पाए गए बच्चों के अभिभावकों से भेंट की। सीएमओ, डीडीसी सदस्य और अभिभावकों के बीच करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद अभिभावक मान गए कि बच्चों को कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाए।
सीएमओ ने बताया कि सोमवार को संक्रमित पाए गए सभी 32 बच्चों को कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है और बुधवार को सभी 32 बच्चों का आरटी पीसीआर टेस्ट किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे के बारे में रणनीति बनाई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि बच्चे थन्नामंडी के अलग-अलग गांवोें के निवासी हैं। इसलिए जिन-जिन गांवोें के बच्चे रहने वाले हैं, उनमें बड़े पैमाने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपलिंग का सिलसिला शुरू कर दिया है। कोरोना संक्रमित पाए गए सभी बच्चों के परिजनों और गांव के अन्य लोगों की टेस्टिंग के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई है। टीमें अपना कार्य जोरों से कर रही है ताकि कोेरोना जैसी घातक बीमारी को अधिक फैलने से रोका जा सके।
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उधर मंगलवार को जिले में कोरोना पॉजिटिव पांच नए मामले सामने आए। उनमें 2 में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि अन्य को घर पर ही क्वारंटाइन किया गया है।
फोटे
मेडिकल पेट्रोल से सेना कर रही जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सेना ने रतल इलाके में कोरोना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए चिकित्सा जागरूकता पेट्रोल कोविड-19 का आयोजन किया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को कोविड -19 से खुद को बचाने के लिए शिक्षित करना और उनकी सहायता करना था।
सेना के मेडिकोज ने लोगों को लक्षण और फैलने के कारण और कोविड -19 के प्रसार को रोकने के तरीके के बारे में शिक्षित किया। कोविड-19 जागरूकता अभियान ने महामारी के दौरान सुरक्षित रहने के लिए बाहर निकलते समय और उचित सावधानियों का पालन करते हुए मास्क पहनने के महत्व पर प्रकाश डाला। जागरूकता अभियान का उद्देश्य टीकाकरण के मिथकों को दूर करने के साथ-साथ संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान करना भी है। गश्त में डोर टू डोर सूचना प्रसार अभियान शामिल था और महामारी के प्रसार को रोकने के लिए चिकित्सा किट और मास्क भी वितरित किए गए थे। ग्रामीणों और नागरिक प्रशासन द्वारा चिकित्सा गश्त के प्रयासों की सराहना की गई है।
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