नौशेरा। श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर संतोष दास जी महाराज के देखरेख में शिव मंदिर राजल में महामंडलेश्वर भैया दास की धर्म बेटी बाल साध्वी राधा देवी के श्रीमुख से सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ हुई। कथा में उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन को अगर सार्थक करना है तो प्रभु का भजन और दीन दुखियों की सेवा और अपने देश से प्रेम करना ही होगा। तब ही परमात्मा खुश होकर हम सबके जीवन में आनंद की वर्षा करेंगे।
परमात्मा ने पृथ्वी पर अवतरित होकर हम सबको सेवा करने का उपदेश दिया है। परमात्मा भक्त से मिलने उनके द्वार-द्वार गए। भक्तों के उद्धार के लिए परिजनों को भी नहीं छोड़ा। चाहे उनमें उनका कोई मामा-फूफा भी हो। भक्तों के प्रेम में उन्होंने किसी जाति या दुश्मन को नहीं छोड़ा, जिसका उद्धार न किया हो। साध्वी ने कथा में बताया कि प्रभुजी को केवल प्रेम और प्रेमी ही प्यारा है। बिना प्रेम के वह परमात्मा नहीं रीझता है। इसलिए सबसे प्रेम करो, प्रभु को प्रेमी प्यारा है। कथा के अंत में आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।