नौशेरा में चल रही श्रीराम चरितमानस कथा में उपस्थित संगत ।
नौशेरा। ठाकुरद्वारा खुहवाला में श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर संतोष दास की देखरेख में चल रही श्रीराम चरितमानस कथा के दूसरे दिन वृंदावन से पधारे श्रीश्री 1008 इंद्र देवश्रानंद सरस्वती ने कहा कि कथा से सब संकट मिट जाते हैं। सत्संग से करोड़ों मानुष सुधर जाते हैं। अपनी मेहनत की कमाई से दान जरूर करें, भगवान के हाथों में हमारी किस्मत का ढक्कन है। कब खुल जाएगा, इसका प्रभु ही जानते हैं।
कथा वाचक ने कहा कि भगवान का भजन करते रहो, शराब आदि का नशा मत करो, शराब के सेवन से शरीर का नाश हो जाता है। अगर नशा करना है तो प्रभु भक्ति का करो, जैसे मीरा, ध्रुव, भीलनी ने किया। मानव जीवन बार-बार नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, और धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतार लेकर पापी का नाश और भक्तों, संतों की रक्षा करते हैं।
जब हम गर्भ में थे, नौ माह बार-बार भगवान से प्रार्थना करते थे, कि हमें इस मल मित्र से बाहर निकालो, संसार में आकर भगवान को दिए विनोद को भूल गए।