राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर रक्त देते युवा।
राजोरी। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जीएमसी में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद अहमद की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर रक्तदान किया। ताकि उसे आपातकालीन समय किसी गरीब के काम में लाया जा सके।
डॉ. महमूद ने कहा कि रक्तदान जिंदगी से जूझ रहे लोगों को नया जीवन प्रदान करता है। इसलिए रक्तदान को महादान व जीवनदान कहा गया है। भारत में एक अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है। समाज में महान परिवर्तन लाने, जीवनरक्षी उपायों का अनुसरण करने और हिंसा और चोट के कारण गंभीर बीमारी, बच्चे के जन्म से संबंधित जटिलताओं, सड़क यातायात दुर्घटनाओं और कई आकस्मिक परिस्थितियों से निकलने में रक्तदान की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाना ही इस दिवस का उद्देश्य है।
उन्होंने लोगों को और स्वस्थ कर्मचारियों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड के अनुसार, किसी भी देश में किसी भी स्थिति में उसकी जनसंख्या का कम से कम एक प्रतिशत रक्त आरक्षित होना ही चाहिए। उक्त मानक के अनुसार, हमारे देश में कम से कम 1 करोड़ 30 लाख यूनिट रक्त का हर समय आरक्षित भंडार होना चाहिए।