नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से कालाकोट में चल रही शिव कथा के में बुधवार को आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुमेधा भारती ने पार्वती जन्मोत्सव का प्रस्तुतीकरण किया। साध्वी ने कहा कि जब हिमालय राज्य के घर में मां जगदंबा का जन्म पार्वती रूपी एक छोटी सी कन्या के रूप में हुआ। तब तीनों लोकों में प्रसन्नता, उल्लास व खुशी का वातावरण था।
साध्वी जी ने मौजूदा समाज में व्याप्त भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, नारी उत्पीड़न इत्यादि समस्याओं पर गंभीर चिंतन किया। उन्होंने कहा कि आज के समाज में अज्ञानता के वशीभूत ही कन्या भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा जैसी समस्याएं व्याप्त हैं। इसके लिए एक तरफ नारी को आत्मज्ञान द्वारा आत्म जागरण के पथ पर चलकर स्वयं को सशक्त बनाना होगा। दूसरी तरफ समाज को भी ब्रह्म ज्ञान, अध्यात्म ज्ञान के द्वारा खुद के भीतर आंतरिक परिवर्तन लाना होगा। ब्रह्म ज्ञान ईश्वर दर्शन का पर्याय है। समय का पूर्ण सतगुरु ब्रह्म ज्ञान दीक्षा के समय दिव्य दृष्टि का उन्मूलन कर अंतर जगत में प्रभु के दिव्य ज्योतिर्मय रूप का दर्शन करा कर साधक को ईश्वर पथ पर अग्रसर करता है।
कथा के दौरान साध्वी जगदीशा भारती, ज्योति भारती के द्वारा भावपूर्ण सुंदर भजनों का गायन किया गया। कथा स्थल पर स्वामी सुचेता नंद, स्वामी हरिदासा नंद, स्वामी शुक्रमा नंद, ठाकुर रणधीर सिंह, सरदारी लाल, सुरेंद्र शर्मा, कॉल चंद, रामा अनिल शर्मा, रामस्वरूप मौजूद रहे।