नौशेरा डिग्री कालेज की टीम ने नशीली दवाओ से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे मे जागरूक करते
नौशेरा। डिग्री कॉलेज की तरफ से मंगलवार को पंचायत डाबर पोथा-बी में नशामुक्ति के खिलाफ डोर टू डोर अभियान चलाया गया। यह अभियान प्राचार्य केके शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में कॉलेज के लगभग 100 छात्रों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के गंभीर प्रभावों के बारे में छात्रों और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना रहा। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने नशामुक्त भारत पर तख्तियां दिखाकर नशा के खिलाफ नारे लगाए और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। छात्रों ने लोगों को बताया कि प्रदेश की कुल आबादी में से 4.6 प्रतिशत नशे के आदी हैं। उनमें से मादक द्रव्यों के सेवन करने वालों में से 90 प्रतिशत 17-33 वर्ष के हैं। वर्ष 2014 से 2021 तक मादक पदार्थों की लत के रोगियों में 100 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
संयोजक नशा विरोधी एंड रिहैबिलिटेशन सेल असिस्टेंट प्रो. रजत भारद्वाज ने कहा कि नशीली दवाओं का सेवन अवैध है। हमारे शरीर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह हमें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। लोग अक्सर इन दवाओं को सिर्फ चखने से शुरू करते हैं और फिर इसके आदी हो जाते हैं। नशे की लत छात्रों को उदास करती है। सारा अभियान सहायक की देखरेख में चलाया गया।