राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने सोमवार को जिले में सेहत आयुष्मान भारत योजना की प्रत्यक्ष समीक्षा की। शेष लक्षित जनसंख्या को पूर्ण करने के संबंध में बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त ने की। इसमें नोडल अधिकारी पवन कुमार परिहार सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
डीएसईओ ने बैठक में बताया कि जिले में अब तक स्वास्थ्य योजना के तहत 404114 हितग्राहियों का 63.57 प्रतिशत पंजीकरण किया गया है। जो केंद्र शासित प्रदेश में सर्वाधिक है। उन्होंने अवगत कराया कि जिले के 86.45% परिवारों के कम से कम एक सदस्य को पंजीकृत किया गया है। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक जीएमसी डॉ. महमूद बाजार ने अध्यक्ष को अवगत कराया कि इंवेंटरी प्रबंधन सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है और इसे कार्यात्मक बनाया जाएगा। जो रोगी प्रबंधन, खरीद प्रबंधन, स्टॉक प्रबंधन (दवाओं, उपभोग्य सामग्रियों, प्रत्यारोपण आदि), भुगतान प्रबंधन को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सॉफ्टवेयर उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा और योजना की पारदर्शिता बनाए रखेगा।
उपायुक्त ने इस बैठक में सभी संबंधित हितधारकों को निर्देश दिया कि योजना के तहत लक्ष्यों को जल्द से जल्द हासिल किया जाए ताकि सभी परिवार योजना में पंजीकृत हों और योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए लाभ उठा सकें। उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को उन सभी परिवारों का डाटा उपलब्ध कराने को कहा, जिनका इस पोर्टल पर पंजीकरण होना बाकी है, ताकि आवश्यक शिविरों का आयोजन किया जा सके और पेंडेंसी को दूर करने के लिए कदम उठाए जा सकें। उन्होंने आगे कहा कि जिले के सभी लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा में जल्द से जल्द कवर करने के लिए कुछ वीएलई को परिवारों के छूटे हुए सदस्यों को जोड़ने के लिए विशिष्ट प्रावधान और सुविधा के साथ अतिरिक्त आईडी प्रदान की जाएगी।