उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं।
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विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने रियासती सरकार के आग्रह पर चुनाव आयोग की ओर से स्थगित किए गए अनंतनाग विधानसभा उप चुनाव को महबूबा सरकार की नाकामी बताया है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला की ओर से जारी बयान में कहा गया हैं कि कानून व्यवस्था का हवाला देकर रियासती सरकार के आग्रह पर स्थगित किए गए उपचुनाव से साबित होता है कि मुख्यमंत्री महबूबा लोगों का सामना करने से डर रही हैं। उनका कहना है पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार को उप चुनाव में हार का आभास हो चुका था।
महबूबा सत्ता के लिए सियासी समर्पण करने के बाद जान चुकी हैं कि कश्मीर में माहौल उसके खिलाफ है। इसी वजह से महबूबा ने सत्ता के बाद अपने पहले ही टेस्ट का सामना करने के बजाए इससे भागने का रास्ता चुना।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने अनंतनाग विधानसभा सीट पर उप चुनाव स्थगित होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि राज्य गठबंधन सरकार खासतौर से पीडीपी की ओर से हार स्वीकार करने जैसा फैसला है।
उनका कहना है कि चुनाव आयोग को कानून व्यवस्था का हवाला देकर राज्य सरकार का चुनाव स्थगित करवाना हार मानने जैसा ही है। उनका कहना है कि कांग्रेस व अन्य पार्टियां उप चुनाव के लिए जोरशोर से जुटी थीं और 16 मई को उपचुनाव करवाने के फैसले का स्वागत कर रही थीं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जल्द उप चुनाव करवाने और अपने फैसले की समीक्षा करने की मांग भी की है।