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पर्यटन विभाग एंव पुंछ विकास प्रादिकर्ण की नंदी छूल ट्रैकिंग सम्मपन,ट्रैकरों ने की सुविधाओं के विस्तार की मांग

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पुंछ जिले के नंदी छूल की ट्रैकिंग पर जाते युवक युवतियां,झरने का आनंद लेत नाचते युवक - फोटो : POONCH
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पुंछ। जिला पर्यटन विभाग और पुंछ प्राधिकरण की तरफ से आयोजित दो दिवसीय नंदी छूल ट्रैकिंग बुधवार को संपन्न हो गया। इस नंदी छूल ट्रैकिंग में बुर्जगों, युवाओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी बड़े एवं ऊंचे झरने के मनमोहक नजारों को देखने के लिए पहुंचीं। घंटों प्रकृति की इस अनमोल देन का अवलोकन किया। ट्रैकर्स की सरकार, प्रशासन और पर्यटन विभाग से मांग थी कि नंदी छूल में सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
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यहां पहुंचने के लिए सड़क सुविधा, पक्का ट्रैक, रास्ते में पीने का पानी, शौचालय एवं हट्स का निर्माण कराया जाए। ताकि यहां आने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सके। गौरतलब है कि मंडी तहसील के लोरन क्षेत्र में पीरपंजाल के पहाड़ों में स्थित सबसे बड़े झरने नंदी छूल को पर्यटन मानचित्र पर लाने के बाद भी वहां पहुंचने वाले पर्यटकों की नाममात्र संख्या को देखते हुए इस बार पहली बार पर्यटन विभाग, पुंछ विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने ट्रैकिंग का आयोजन किया।
पहली बार नंदी छूल पहुंच कर मस्त हुए युवा युवतियां
इतना ऊंचा झरना देखते ही भाग गई थकान
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। कई घंटों तक ऊबड़-खाबड़ रास्ते, पहाड़ की चढ़ाई, ढलान, जंगल, नाले पार करते हुए थक कर चूर होकर सबसे बड़े झरने को देखने की आस लिए जब सैकड़ों युवक-युवतियों को दो सौ मीटर दूर से बड़ी ऊंचाई से साफ पानी का दो धार वाला झरना दिखाई दिया तो इनकी सारी थकान ही दूर हो गई। जो पहले बीच रास्ते पत्थरों पर पसरे बैठे थे कि अब आगे नहीं बढ़ पाएंगे, वह अब तेजी से झरने की तरफ बढ़ने लगे थे।
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हालांकि आगे का यह दो सौ मीटर का रास्ता काफी कठिन था, लेकिन हर किसी को जल्दी से जल्दी झरने तक पहुंचने की चाहत थी। हर कोई दौड़ कर उस झरने के पास पहुंच कर उसकी दूर तक आती फुहारों से भीगने की चाहत रखता था। पहली बार इतना ऊंचा एवं बड़ा झरना देख सबकी थकान मिट गई। विशेष कर रेहाना, रश्मि और उनके जैसी अन्य दर्जन भर युवतियों की। जो कठिन रास्ते के कारण बुरी तरह थक चुकी थीं। अपने साथियों से यह कह रही थीं कि आप लोग नंदी छूल तक हो आओ, हम यहां आपका इंतजार करेंगी। जब आप लौट कर आओगे तो हम घर चले जाएंगे। रास्ते में ऐसा कहने वाली अधिकतर युवतियां झरना देखते ही कहने लगी सच में अगर हम हिम्मत करके यहां तक न आती हम अपने जीवन में इस खूबसूरत झरने को देखने से चूक जातीं। जिसे देख कर हमें ऐसा लग रहा है हमें कोई थकान ही नहीं हुई है। अब तो हमारा यहां से जाने का मन ही नहीं है। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे जिले में भी इतना खूबसूरत इतना ऊंचा झरना हो सकता है। वहीं युवक भी ढोल की थाप पर नंदी छूल की मिठी फुहार के बीच नाचे नजर आए। मानो वो किसी बारात में आए हों।
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