पुंछ में दवाई विक्रेता प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए
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पुंछ। प्रशासन के सख्त रवैए से नाराज दवा विक्रेताओं ने सोमवार को अपनी दुकानें बंद कर घंटों प्रदर्शन किया। इस विरोध का कारण राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल के सामने दवाइयों की एक दुकान को कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में सील करना था। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि दुकानों पर अगर एक साथ कई मरीज आ जाएं तो इसमें दुकानदारों का क्या कसूर है?
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर को तहसीलदार पुंछ अंजुम शबीर खटक और एसएचओ एस डी सिंह ने इशर मेडिकल हाल में लोगों की अधिक भीड़ को देखते हुए दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद कराते हुए सील कर दिया। दुकान के मालिक रंधीर सिंह जिला केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान हैं। जैसे ही नगर में अन्य दवा विक्रेताओं को घटना की जानकारी मिली, सभी दवा विक्रेता अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस बीच नगर में दवाइयों की सभी दुकानें बंद हो जाने से अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को दवाइयां न मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। रंधीर सिंह सहित सभी प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर दुकानदारों को तंग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी दुकानदार जानबूझ कर दुकानों में लोगों की भीड़ जमा नहीं करता। अस्पताल के बाहर स्थित दवाई की दुकानों पर ओपीडी खुलने के बाद चार से पांच घंटे ही काम होता है। ऐसे में हर किसी को दवाई लेकर घर जाने की जल्दी होती है। मना करने के बावजूद लोग दुकानों के बाहर जमा हो जाते हैं।
दवा विक्रेता मंजीत सिंह का कहना था कि जब कोरोना महामारी विकराल रूप में थी, उस समय रंधीर सिंह की अगुवाई में अपनी जान की परवाह किए बिना प्रशासन के कहने पर दिन रात काम किया था। इसके बदले प्रशासन से प्रशस्ति पत्र मिलने की आशा थी। परंतु, प्रशासन ने सेवाओं के लिए यह इनाम दिया है। देर रात समाचार लिखे जाने तक नगर में दवाई की दुकानें बंद ही थीं।