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साथियों की शहादत का बदला लेने और आतंकियों के सफाए के लिए प्रतिकूल मोसम में भी दिन रात जंगल में डटे सैंकड़ों जवान

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पुंछ। अपने चार साथियों की शहादत का बदलना लेने और जिले में आतंक फैलाने आए पाकिस्तान परस्त आतंकियों का सफाया करने के लिए सेना और पुलिस के सैकड़ों जवान प्रतिकूल मौसम में दिन रात पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भाटादूड़ियां के जंगलों और नालों में 96 घंटों से डटे हैं। चाहे तेज धूप हो या बारिश अथवा रात को पड़ रही ठंड। जवान हाथों में थामे बंदूकों के ट्रेगर पर उंगलियां रखे अपनी नजरों को एक दम सामने गढ़ाए बेसब्री से आतंकियों के दिखाई देने का इंतजार कर रहे हैं।
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इस बीज जब भी किसी जवान को जंगल में किसी प्रकार की हरकत का आभास होता है तो वह उस तरफ गोलियां दगने लगता है। अपने चार साथियों की शहादत का बदला लेने और सैकड़ों साथियों का मनोबल बढ़ाने के लिए भाटादूड़ियां आपरेशन में लगे जवानों को न तो किसी तरह के आराम की चिंता है और न ही किसी प्रकार की थकान का ही अहसास है। उनके दिल में बस एक ही जज्बा है कि किस प्रकार जल्दी से जल्दी जंगल में छुपे आतंकियों को खोज कर उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया जाए।
शनिवार को रात भर हुई बारिश के बीच भी सैकड़ों जवान पूरी मुस्तैदी से एक ही पोजीशन पर भाटा दूड़ियां के जंगलों और पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर आतंकियों के खिलाफ अभियान में मौजूद रहे। इस दौरान एक तो जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शामिल इस क्षेत्र में भारी ठंड भी हो गई, परंतु यहां मौजूद जवानों के हौसले किसी भी प्रकार कम नहीं हुए, बल्कि प्रतिकूल मौसम और परिस्थितियों में वह चट्टान की तरफ अपने स्थान पर मौजूद रहे। इसे देखते हुए क्षेत्र के कई लोग इन जवानों को सलाम करते हुए कहते हैं। सही में हमारे जवान महान हैं जो किसी भी परिस्थिति में अडिग रहते हैं।
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