पुंछ में आरोपी को ले जाते हुए पुलिस
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नारको टेरेरिज्म में दबोचे गए और रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों को लेकर स्टेट इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (एसआईए) पुंछ में जीरो लाइन पर पहुंची और घटनाक्रम को दोहराया। एसआईए ने तीनों को तीन महीने पहले भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित करमाड़ा क्षेत्र में शून्य रेखा पर हथियार, गोला-बारूद और नशे के साथ फैंसिंग काटकर घुसपैठ करते हुए दबोचा था।
घटनाक्रम के दोहराव (क्राइम सीन रिक्रिएट) के समय एसआईए की 10 सदस्यीय टीम डीएसपी की अगुवाई में पहुंची थी। इस दौरान सेना की मौजूदगी में पूरा सीन दोहराया गया कि वह किस प्रकार नियंत्रण रेखा पार कर आए थे और किस प्रकार समान पार किया।
इस दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। गौरतलब हो कि नारको टेरेरिज्म के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है क्योंकि इनके अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से एक को दिल्ली से पकड़ा गया है। सूत्रों की मानें तो आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है। उन्होंने माना कि करमाड़ा के ही रहने वाले लियाकत नामक हैंडलर के निर्देश पर फैंसिंग के आगे जाकर हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और ड्रग्स लाए थे।
सीधा शामिल न होकर सउदी अरब के जरिए नशा-हथियार भेज रहा पाकिस्तान
सूत्रों के अनुसार एसआईए को अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि पुंछ जिले में नारको टेरेरिज्म का नेटवर्क सउदी अरब के जरिए चल रहा है। सउदी अरब में बैठे बड़े नशा तस्कर पाकिस्तान में आतंकियों के आकाओं और आईएसआई से संपर्क साधते हैं और डील होने पर पुंछ जिले में मौजूद ओजीडब्ल्यू, आतंकी स्लीपर सेल को नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्र में हथियार, गोला बारूद और नशा मुहैया करवाते हैं। बता दें कि पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा से सटे बालाकोट से लेकर सावजियां तक 110 किलोमीटर लम्बी नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका कई सालों से नारको टेरेरिज्म फैला रहे हैं।