पुंछ के श्रीबुडडा अमर नाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार को लगी भगतों की कतार और पूजन करते भगतजन
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पुंछ। सीमावर्ती जिले में सावन के पहले सोमवार को जहां सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं मंडी तहसील मुख्यालय पर स्थित महाऋषि पुलस्त की तपस्थली के प्राचीन श्री बुड्ढा अमरनाथ मंदिर में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली।
यहां दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जो कतारों में लग कर अपनी भारी पर मंदिर में मौजूद भगवान भोलेनाथ के चट्टान स्वरूप स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक एवं दर्शन पूजन कर रहे थे। मंदिर में सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगने लगी थीं। इनमें महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चे शामिल रहे। जो हाथों में भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए जल से भरे लोटे एवं अन्य पूजन सामग्री थामे अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। करीब दो वर्ष के कोरोना काल के उपरांत श्रावण मास के पहले सोमवार को श्री बुड्ढा अमरनाथ मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर मंदिर के बाहर स्थित प्रसाद एवं पूजन सामग्री की दुकानें चलाने वालों के चेहरों पर भी रौनक देखने को मिल रही थी।
इस अवसर पर श्री बुड्ढा अमरनाथ मंदिर के पुजारी पंडित अरुण कुमार ने बताया कि रविवार रात से ही मंदिर में जम्मू-कश्मीर के साथ ही दूसरे राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए थे। जो रात्रि को मंदिर में विश्राम करने के बाद सुबह तड़के से ही दर्शन पूजन कर घरों को लौटने लगे थे, जबकि उजाला होने के साथ ही मंदिर में जिले के साथ-साथ राजोरी, उधमपुर, रियासी कठुआ से भक्तों की गाड़ियां पहुंचने लगीं थी। इससे श्रद्धालुओं की भीड़ में वृद्धि होती गई, जो दोपहर बाद तक जारी रही।
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नौशेरा ठाकुरद्वारा में उमड़ी भीड़
हर रोज भंडारे के साथ भजन कीर्तन भी किया जा रहा
नौशेरा। श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर संतोष दास मुनि की देखरेख में सावन माह में ठाकुरद्वारा में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रोज की तरह सावन माह में दोपहर पूजा अर्चना भोग लगाने के बाद भंडारा लगाया गया। इसमें सुबह से शाम तक भोजन करने वालों की भीड़ रही। साथ-साथ सत्संग भी चलता रहा। वहीं भगवान शिव की पूजा हर रोज की जा रही है। संवाद