पुंछ। माहे रमजान का अंतिम जुमा अलविदा की नमाज बड़े ही श्रद्धा एवं सम्मान के साथ अदा की गई। जगह-जगह सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी गई। नगर स्थित ईदगाह में करीब तीन वर्ष बाद अलविदा की नमाज पढ़ी गई। इसमें जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद फारूक मिसबई की अगुवाई में हजारों की संख्या में लोगों ने नमाज अदा करते हुए अमनचैन और भाईचारे की मजबूती की दुआ मांगी।
इमाम ने कहा कि 370 हटने के दो वर्ष तक कोरोना के चलते ईदगाह में नमाज अदा करने का मौका नहीं मिल पाया। उधर अलविदा को देखते हुए हर तरफ सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। मंडी, सुरनकोट और मेंढर में भी हजारों की संख्या में लोगों ने नमाज पढ़ी।
उल्लास से अदा की गई रमजान माह के आखिरी जुमे की नमाज
मेंढर। उपजिले में भी रमजान माह के आखिरी जुमे की नमाज उल्लास के साथ अदा की गई। इसके चलते हजारों की संख्या में रोजेदार मस्जिदों में पहुंचे। वैसे तो मेंढर में मेंढर, मानकोट, जुगाल, हरनी, अड़ी में भी बड़ी मस्जिदें हैं। मगर जामा मस्जिद मेंढर में सबसे ज्यादा लोगों ने इकट्ठे होकर इमाम मोहम्मद सुलतान की अगुवाई में नमाज पढ़ी। नमाज के बाद इमाम ने मुल्क में भाईचारे, उन्नति और खुशहाली की दुआ मांगी और सभी को एकजुट होकर रहने की बात कही। रमजान माह की मुबारकबाद देते हुए प्रशासन को बिजली पानी की समस्या दूर करने के लिए कहा। संवाद