फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुलपुर के मैदान में पोर्टरों ने लगाए चौके-छक्के

विज्ञापन
विज्ञापन
पुंछ। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा स्थित गांव गुलपुर के मैदान में वीरवार को अलग ही नजारा था। सेना के साथ कंधे से कंधा मिला कर अग्रिम चौकियों तक गोलाबारूद, रसद और अन्य सामान पहुंचाने वाले पोर्टर क्रिकेट के मैदान में उतरे। इस दौरान उन्होंने चौके-छक्के लगाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। गेंदबाजी भी सधी हुई की।
विज्ञापन

पहली बार टूर्नामेंट में भाग लेने वाले पोर्टर कई टीमों को हराकर फाइनल तक पहुंच गए। हालांकि फाइनल मैच में विजय प्राप्त नहीं हुई। हालांकि इन्होंने पुुंछ नगर की राहुल द्रविड़ क्रिकेट एकेडमी की टीम को जोरदार टक्कर दी। इस पर विरोधी टीम और उसके कोच ने भी सलाम किया। वहीं पोर्टरों का कहना था कि हमारे लिए यह हार जीत के बराबर है। क्योंकि सेना ने पहली बार हमें मैदान में उतारा और हम फाइनल तक पहुंच गए।
गौरतलब कि पुंछ के गुलपुर सेक्टर में सेना की 10इंफैन्ट्री ब्रिगेड के अधिनस्थ तैनात सरला बटालियन की तरफ से गुलपुर गांव में पिछले दो हफ्तों से एलओसी टी 20 क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कराया जा रहा था। कुल 12 टीमें थीं। सेना की सरला बटालियन के साथ बतोर पोर्टर काम कर रहे युवाओं की बटालियन के कमांडिंग अधिकारी ने एक टीम बनाई और उसे गुलपुर टाईगर के नाम से टूर्नामेंट में उतारा।
विज्ञापन

टास जीत कर पोर्टरों की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 130 रन बनाए। सेना की तरफ से विजेता टीम को पचास हजार रुपये नकद और ट्राफी प्रदान की गई। उप विजेता टीम को 35 हजार रुपये नकद और ट्राफी प्रदान की गईं। सरला बटालियन के कमांडिंग अधिकारी के साथ ही पद्मश्री प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी शंभूनाथ खजूरिया मुख्य आतिथि रहे।
राहुल द्रविड़ क्रिकेट एकेडमी पुंछ के संस्थापक एवं कोच परवेज मलिक अफरीदी का कहना था कि सेना के साथ दिन रात काम करने वाले इन पोर्टरों के खेल को देखते हुए अब हम पुंछ में होने वाले हर टूर्नामेंट में इन्हें खेलने का मोका देंगे। पोर्टरों के मुखिया मोहमद जाफर का कहना था कि हमारी हार नहीं जीत हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें