पुंछ। मेंढर की पंचायत अढ़ी और अढ़ी पलेसर के लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में से उनके नाम काटे जाने के विरोध में सरपंचों की अगुवाई में ग्रामीण विकास विभाग कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उक्त पंचायतों के सरपंचों ने सरकार और ग्रामीण विकास विभाग पर लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच युद्ध की स्थिति बना दी है।
अगर इस युद्ध की स्थिति को समाप्त न किया गया तो जिले भर के सरपंच अपने-अपने त्याग पत्र दे देंगे। क्योंकि हम लोगों हर दिन आम लोगों की गालियां एवं भला बुरा सुन-सुन कर तंग आ चुके हैं। शनिवार दोपहर बाद मेंढर के गांव अढ़ी की पंचायत अढ़ी के सरपंच वसीम खान और अढ़ी पलेसर के सरपंच अब्दुल हमीद की अगुवाई में गांव के सैकड़ों लोग एकत्र हुए। जहां उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरपंच वसीम खान ने आरोप लगाया कि उनकी पंचायत के 107 से अधिक गरीबी रेखा के नीचे के लोगों की प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान हेतु सूची बनाई गई थी और जब ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से आखिरी सूची बनाई गई तो सभी के नाम उसमें से हटा दिए गए हैं। इसके कारण हमारे घरों में वह लोग हर दिन आकर हमसे बुरा भला कहते हैं। हम पर ही नाम हटवाने के आरोप लगाए जाते हैं।
हमें पता नहीं इस प्रकार के कार्यों से सरकार और विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच जंग छेड़ रखी है। हम सरकार से इस जंग को बंद करने की मांग करते हैं और जो लोग प्रधानमंत्री आवास के नियमों में आते हैं उनके नाम सूची में डालने की मांग करते हैं अगर इसी प्रकार आम लोगों और हम चुने हुए पंचायत प्रतिनिधियों के बीच जंग बंद न की गई तो हम सब लोग त्याग पत्र दे देंगे। अगर इसी प्रकार लोगों ने नाम सूची से निकालने थे तो सूचियां बनवाई ही क्यों गई हैं। वहीं सरपंच अब्दुल हमीद ने भी आरोप लगाया कि उनकी पंचायत के एक सौ लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास सूची से हटा दिए गए हैं।