चूड़ामणि संस्कृत संस्थान में मंत्रोच्चारण करते प्राचार्य आचार्य बटुक व अन्य, संवाद।
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बसोहली। चूड़ामणि संस्कृत संस्थान में वीरवार को कलश स्थापना कर दुर्गा पूजन उत्सव मनाया गया। संस्थान के प्राचार्य अभिषेक कुमार उपाध्याय ने शारदीय नवरात्र पर माता आदि शक्ति की आराधना के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
नवरात्र के दौरान नौ दिन तक होने वाली पूजा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि नवरात्र महोत्सव देवी अंबा का प्रतिनिधित्व के साथ बसंत एवं शरद ऋतु का संकेत तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का महत्वपूर्ण संगम है। नवरात्र में माता आदि शक्ति, महालक्ष्मी, महासरस्वती एवं महाकाली के नव स्वरूपों का विशेष पूजन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष चार नवरात्र मनाए जाते हैं। इसमें दो नवरात्र गुप्त हैं। इन दिनों में स्वास्थ्य लाभ एवं समृद्धि के लिए उपवास भी रखा जाता है। इस अवसर पर संस्थान के आचार्य सुरेंद्र शास्त्री और आचार्य गौरव शर्मा ने वैदिक विधि से कार्य पूर्ण किया। संस्थान के बैठकों में प्रमुख रूप से भूषण शर्मा, मानिक शर्मा, सूजन खजूरिया, सुभाष ठाकुर, मोहित शर्मा, सुनंदन शर्मा, विनय बिलावरिया, अभिषेक शर्मा, कार्तिक वर्मा, आदि उपस्थित रहे।