बिलावर। उपमंडल के किसानों ने गेहूं की फसल लगाने का काम शुरू कर दिया है। जिन इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था है उन इलाकों के किसान इन दिनों अपने खेतों में गेहूं का बीज लगाने में जुटे हैं, समतल इलाके में ट्रैक्टर के माध्यम से गेहूं की बुआई की जा रही है। जिन इलाकों में कृषि संसाधन नहीं पहुंचते हैं उन इलाकों के किसान पारंपरिक तरीके से हल जोत कर गेहूं की फसल लगा रहे हैं।
किसान परसोत्तम कुमार ने बताया के इलाके में केवल 5% किसानों के लिए ही सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध है बाकी 95 फ़ीसदी इलाके के किसान बारिशों के पानी पर ही फसल लगाने के लिए निर्भर रहते हैं। किसान हंसराज ने कहा के धान की फसल को समेटे हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत गया है। गेहूं की फसल लगाने के लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसान लियाकत अली ने बताया कि ज्यादातर इलाके के किसानों की किसानी केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर है, अगर मौसम फसल के अनुकूल रहता है तो कई बार फसल की पैदावार अच्छी हो जाती है लेकिन विपरीत परिस्थितियों में कई बार नुकसान भी उठाना पड़ता है। किसानों ने कहा कि इस वर्ष धान की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते किसान काफी परेशान हैं। किसान गिरधारी लाल, पवन कुमार, अशोक सिंह और पवन शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से धान की फसल के नुकसान का आकलन भी किया जा चुका है लेकिन आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द धान की फसल का मुआवजा उन्हें दिया जाए, जिससे किसानों को राहत मिल सके। किसानों ने सरकार से गेहूं की फसल लगाने के लिए बीज और खाद निशुल्क उपलब्ध करवाने की मांग भी की।