फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जालंधर से जम्मू के बीच डबल ट्रैक पर दौड़ेंगी ट्रेनें

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। 50 साल के लंबे इंतजार के बाद जालंधर से जम्मू के बीच अब ट्रेनें डबल ट्रैक पर दौडे़ंगी। पंजाब के माधोपुर और जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेलवे स्टेशन तक रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य का मंगलवार को ऑडिट हुआ। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी एसके पाठक ने डीआरएम फिरोजपुर और रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। मंगलवार दिन में अधिकारी कठुआ रेलवे स्टेशन पहुंचे और जानकारियां लीं। देर शाम डबल ट्रैक पर इंटरलाकिंग का काम पूरा होने के बाद फाइनल ट्रायल शुरू हुआ। पायलट इंजन ने कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की ट्रेन की अगुवाई की।
विज्ञापन

बतादें देर शाम करीब सवा सात बजे माधोपुर से बुद्धि के बीच पहले पायलट इंजन को चलाया गया। जिसके लगभग आधे घंटे के बाद कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की ट्रेन माधोपुर से होते हुए कठुआ रेलवे स्टेशन और फिर बुद्धि तक पहुंची। यहां से ट्रेन एक बार फिर माधोपुर की ओर वापस लौटी। दरअसल रेलवे की ओर से ट्रैक निरीक्षण के बाद ट्रेन का स्पीड ट्रायल हुआ। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिछाए गए ट्रैक की जांच के बाद स्पीड ट्रायल किया गया है। जिसके बाद ट्रैक से एक मालगाड़ी दौड़ाई जाएगी। जम्मू की ओर जाने वाले ट्रैक के बाद पठानकोट की ओर सोमवार से दो ट्रेनों को जम्मू की ओर रवाना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोहरीकरण का यह काम पूरा होने से ट्रेनों की आवाजाही सुगम हो सकेगी और क्रॉसिंग पर रोकना नहीं पड़ेगा।
दस साल पहले शुरू हुआ था काम
प्रदेश को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण रेलवे मार्ग पर कठुआ से माधोपुर के बीच का काम ही शेष बचा था। दस साल पहले यह काम शुरू किया गया था। पहले वर्ष-2018 फिर 2020 और 2021 की समयावधि को भी यह परियोजना लांघ गई है। आखिरकार मार्च 2022 में इस काम को पूरा कर लिया गया है। परियोजना के पूरा होने के साथ ही उत्तर भारत का जालंधर से जम्मू तक रेलवे ट्रैक डबल हो जाएगा। लगभग तीन साल पहले ही दरिया उज्ज, तरनाह नाले, बेई नाला, बसंतर, सरोर, तरोर, बलोल सहित दो दर्जन से अधिक पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया था।
विज्ञापन

ग्रेडिएंट की नहीं रहेगी समस्या
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कठुआ और माधोपुर के बीच रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम पूरा होने से काशन स्पीड नहीं रहेगी। काशन स्पीड में सिंगल ट्रैक से डबल ट्रैक पर जाते समय ट्रेन की गति को नियंत्रित करने के निर्देश रहते हैं। दोनों ट्रैक पर एक ही समय पर ट्रेनों के दौड़ने से ट्रेनों का समय भी बचेगा। किसी भी ट्रेन को दूसरी ट्रेन को पास देने के लिए कठुआ स्टेशन पर रोकने की जरूरत नहीं रहेगी। मालगाड़ियों को इस सेक्शन के बीच ग्रेडिएंट की समस्या से जूझना पड़ता था। साल में दो से तीन बार ऐसा होना अमूमन था कि मालगाड़ी को दूसरे इंजन की जरूरत पड़ जाती थी। इंजन हॉलिंग होने की स्थिति में हेल्पिंग इंजन को भेजना पड़ता था। लेकिन अब गति नियंत्रण से निजात मिलने और एक ही ट्रैक पर दौड़ने से मालगाड़ियों को दूसरे इंजन की जरूरत नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें