कठुआ में बनकर तैयार हुए रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले।
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कठुआ। देश भर में मनाए जाने वाले असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयादशमी के पर्व की कठुआ में इन दिनों तैयारियां जोर-शोर से जारी है। कोरोना संकट के कारण जहां देश के विभिन्न हिस्सों में जलाए जाने वाले रावण के पुतलों के साइज में कटौती देखी जा रही है। वहीं शहर के रामलीला मैदान में इस बार भी पूर्व की परंपरा के अनुसार तीस फुट के रावण के साथ पच्चीस फुट के मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा।
विजयादशमी के पर्व पर जलाए जाने वाले पुतलों के बारे में जानकारी देते हुए रामलीला कमेटी के प्रधान सनी अंडोत्रा ने बताया कि 2 साल के बाद हो रहे इस आयोजन को हर तरह से भव्य बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी के चलते हालांकि कुछ आर्थिक परेशानियां भी रही हैं। लेकिन इसके बावजूद विजयादशमी का पर्व मनाने के लिए किसी भी तरह की कोई कटौती नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि पुतलों का निर्माण उत्तर प्रदेश से आए कारीगरों कर रहे हैं। जिसमें करीब एक लाख रुपये का खर्च आया है। उन्होंने कहा कि शहर में जगह जगह रामलीला का मंचन तो किया जाता है लेकिन दशहरे पर लगने वाले मेले का आयोजन और रावण के साथ-साथ मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले के दहन की परंपरा राम नाटक सभा द्वारा ही निभाई जाती है। लिहाजा इस दिन रामलीला मैदान में इसे देखने वाले लोगों की संख्या हजारों में होती है। ऐसे में किसी भी तरह की कटौती यहां आने वाले लोगों को निराश कर सकती है। इसी को देखते हुए विजयादशमी पर होने वाले आयोजन को पूर्व की भांति ही पूरी भव्यता से मनाने का प्रयास किया जा रहा है।