हीरानगर। अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर तारबंदी के आगे खेतों की निशानदेही की शर्त पर कुछ किसान यहां खेती करने को तैयार हुए थे, लेकिन अभी तक खेतों की निशानदेही का काम शुरू नहीं हो पाया है। यहां खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने के उद्देश्य से 28 नवंबर को बीएसएफ की चांदमा पोस्ट पर एक बैठक हुई थी। जिसमें जिला उपायुक्त राहुल यादव विशेष तौर पर मौजूद रहे और यहां उन्होंने बीएसएफ और कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों से तारबंदी के आगे खेती से संबंधित बातचीत की।
उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि यहां खेती करने वाले किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी और किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ यहां काम करने वालों को प्राथमिकता पर दिया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद कुछ किसानों ने यंहा खेती करने के लिए अपने नाम दर्ज कराए और शर्त रखी कि पहले खेतों में निशानदेही कराई जाए।
इस पर जिला उपायुक्त ने एसडीएम को निशानदेही शुरू कराने के निर्देश दिए। जिस पर जवाब देते हुए एसडीएम ने कहा कि बुधवार तक निशानदेही का काम शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन एक सप्ताह पूरा होने के बाद भी निशानदेही का काम शुरू नहीं हुआ है। जिस पर लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन वहां निशानदेही नहीं करवा सकता है तो किसान खेती कैसे करेंगे।
वहीं जब इस पर एसडीएम राकेश शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शुक्रवार को एक टीम को भेजा गया था, जो तारबंदी के आगे निशानदेही के लिए बीएसएफ से बात कर रही है। जल्द यह काम शुरू हो जाएगा।