खोख्याल गांव के सरकारी स्कूल में आने वाले विद्यार्थियों का बैड़बाजे व गुब्बारे देकर स्वागत करती
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कठुआ। जिले में दो साल बाद पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के स्कूल खुले तो अभिभावकों से लेकर शिक्षकों और विद्यार्थियों का उत्साह भी देखते ही बनता था। स्कूलों के द्वार पर शिक्षक विद्यार्थियों के स्वागत के लिए खड़े नजर आए। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए थर्मल स्कैनिंग की। मास्क जांचे और फिर बैंड बाजे के साथ गुब्बारे, पेन और फूल देकर अलग-अलग अंदाज में विद्यार्थियों का जोश के साथ स्वागत किया गया।
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले दिन जिले के लगभग 15 हजार विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। इनमें पहले से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों का आंकड़ा भी शामिल है। सुबह साढ़े आठ बजे से दस बजे तक अभिभावक एक बार फिर विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचाने के लिए भाग दौड़ करते नजर आए। स्कूल बसों के पहिए भी लंबे समय के बाद सड़कों पर विद्यार्थियों को स्कूल ले जाने के लिए दौड़े। एक बार फिर स्कूलों में रौनक लौट आई है। उधर, अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। मार्च 2020 में कोरोना महामारी के चलते बंद हुए स्कूल खुलने से विद्यार्थी भी उत्साहित दिखाई दिए। बच्चे स्कूलों में पहुंचने के साथ ही जोश के साथ अपने दोस्तों और शिक्षकों से मिले। कक्षाओं में विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। स्कूलों की ओर से ईवन ऑड सिस्टम के तहत फिलहाल विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाया जा रहा है। विंटर जोन के स्कूल 28 फरवरी को खुलेंगे। जिसके बाद स्कूलों में पहुंचने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा।
खोख्याल के सरकारी स्कूल में उपस्थित हुए बच्चे। संवाद- फोटो : KATHUA