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अस्थाई कर्मचारियों ने मांगा बकाया वेतन

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बरवाल में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते जलशक्ति विभाग के कर्मचारी। संवाद - फोटो : KATHUA
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कठुआ। अपनी लंबित मांगों पर सरकार की लगातार अनदेखी के खिलाफ जलशक्ति विभाग के अस्थाई कर्मचारियों ने रोष जताया है। बुधवार को बरवाल स्थित विभाग के स्टेशन पर इकट्ठा होकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। सभी अस्थाई कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का लाभ देने के साथ बकाया वेतन जारी करने की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल विशंभर सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बने हुए दो साल से ऊपर हो चुके है। लेकिन विभाग के अस्थाई कर्मियों को आज भी पुराने नियमों के अनुसार ही वेतन दिया जा रहा है। वहीं उनके साथियों को पिछले कई सालों का वेतन बकाया भी नहीं दिया गया है। पेयजल सप्लाई को बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर अपनी सेवा देने वाले अस्थाई कर्मचारी को जब वेतन देने की बारी आती है, तो सरकार के खजाने खाली हो जाते हैं। विभाग में अपनी सेवा देने वाले 60 हजार अस्थाई कर्मचारियों को न तो वेतन समय पर मिलता है और अगर वेतन देते भी हैं तो न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जहां भी केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए हैं। वहां अस्थाई कर्मचारियों को 18 से 26 हजार प्रति माह वेतन दिया जाता है लेकिन जम्मू-कश्मीर के अस्थाई कर्मियों को आज भी 6 हजार मासिक वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों प्रति सरकार के रवैए का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दीपावली पर सभी विभागों को समय अनुसार वेतन दिया गया लेकिन अस्थाई कर्मियों को दीपावली पर्व के 16 दिनों के बाद वेतन दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि अस्थाई कर्मियों को समय पर वेतन दिया जाए और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम भी लागू किया जाए। अन्यथा अस्थाई कर्मचारियों को मजबूरन उन्हें एक बार फिर सड़कों पर आकर धरने प्रदर्शन करना पड़ेगा।
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