ांडली में आयोजित श्रीमद् भगवत कथा के दौरान प्रस्तुत राधा-कृष्ण की झांकी। संवाद
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बिलावर। मांडली गांव में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन कथावाचक कुलदीप शास्त्री ने लोगों को प्रवचन सुनाते हुए कहा कि प्रभु तक पहुंचने के लिए गुरु की शिक्षा व सत्संग सुगम सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि अहंकार को स्वयं पर हावी नहीं होने देना चाहिए, मनुष्य के विनाश का मुख्य कारण अहंकार होता है।
कथावाचक ने श्रद्धालुओं के जनसमूह को प्रवचन सुनाते हुए सतयुग, त्रेता युग द्वापर युग और कलयुग के चार राक्षसों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सतयुग में हिरण्यकश्यप, त्रेता युग में रावण, द्वापर युग में कंस और कलयुग में अहंकार मनुष्य का शत्रु है। इसलिए मनुष्य को कलयुगी राक्षसों से बचकर भगवान का जप तप पाठ पूजा वा स्मरण करना जरूरी है, तभी जाकर मुक्ति को प्राप्ति की जा सकती है। इस अवसर पर कई प्रकार की झांकियां भी निकाली गई और भगवान के भजन प्रस्तुत किए गए। कथा के समापन पर भगवान को रितु फलों का भोग लगाया गया। शाम चार बजे कथा के समापन पर सभी पंडाल में पहुंचे श्रद्धालुओं ने विशेष आरती में हिस्सा लिया। सरपंच अमरीक सिंह ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।