कठुआ। भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर मंगलवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जयंती पर पूरा शहर भगवान परशुराम के जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा में शामिल झांकियों में प्रभु के जीवन की झलक दिखी।
ब्राह्मण सभा कठुआ से शुरू होकर शोभायात्रा मुखर्जी चौक, कालेज रोड, कालीबड़ी, हटली मोड़, शहीद भगत सिंह चौक, अंबेडकर चौक से होकर ब्राह्मण सभा में ही पहुंचकर संपन्न हुई। पूर्व मंत्री राजीव जसरोटिया, नगर परिषद अध्यक्ष नरेश शर्मा, उपाध्यक्ष रेखा कुमारी, नगर कमेटी लखनपुर के अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई। शोभायात्रा के बाद भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवा मोटरसाइकिलों के साथ शामिल हुए। शोभायात्रा मार्ग पर शहर के लोगों और संस्थाओं की ओर से फल आदि के स्टॉल भी लगाए गए थे।
ब्राह्मण सभा के सदस्यों ने बताया कि कठुआ में परशुराम जयंती हर वर्ष मनाई जाती है। इसका शुभारंभ सप्ताह भर पूर्व श्रीमद्भागवत कथा के साथ होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। पुराणों के अनुसार इस माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में छठा अवतार लिया था। इस वजह से अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जयंती मनाई जाती है। महर्षि जमदाग्नि ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया और देवराज इंद्र को प्रसन्न कर पुत्र प्राप्ति का वरदान पाया। महर्षि की पत्नी रेणुका ने वैशाख शुक्ल तृतीय पक्ष में भगवान परशुराम को जन्म दिया था। मान्यता है कि अन्य सभी अवतारों के विपरीत हिंदू आस्था के अनुसार परशुराम अभी भी पृथ्वी पर रहते हैं।