बसोहली बस अड्डे पर गड्ढों को भरने के लिए बिछाई गई मिट्टी के ऊपर से गुजरते यात्री वाहन। संवाद
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बसोहली। बसोहली में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की बहुत सी घोषणाएं हुई लेकिन यह घोषणा जमीनी स्तर पर उतर नहीं पाई। न तो सड़के गड्ढा मुक्त हो रही हैं और न ही इन गड्ढ़ों वाली सड़कों को बनाने का कोई प्रयास किया जा रहा है। सड़के तो बना दी जाती है लेकिन उनकी निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही बरती जाती है, जिससे चंद माह बाद ही सड़कों पर गड्ढे बनना शुरू हो जाते हैं। बसोहली बस अड्डे व आसपास की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
एडीसी कार्यालय, तहसील कार्यालय और पुलिस स्टेशन बसोहली के समक्ष सड़क के गड्ढों में मिट्टी डाल दिया गया था। इससे वहां कीचड़ उत्पन्न हो गया है। वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय नगर कमेटी के उपाध्यक्ष अभिनव राजदान, रिंकु कुमार, रामलाल, पालू, राजू, गौरव जमबाल, बच्चन लाल, किशोरी लाल, सुरेश कुमार, अनिल कुमार आदि ने बताया कि लोगों को चलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक फिसल कर गिर रहे हैं। लोग नगर कमेटी व लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को कोस रहे हैं। हालांकि इन गड्ढों को भरने के लिए कच्ची मिट्टी किसने डाली, इसके बारे में नगर कमेटी के पास कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय दुकानदारों की मानें तो नगर कमेटी की जिन दुकानों को बनाने के लिए पहाड़ी को मशीन के जरिए साफ किया जा रहा है वहीं से डंपर मे मिट्टी लाकर सड़क के गड्ढों को भरा गया है। स्थानीय दुकानदारों ने संबंधित विभाग व नगर कमेटी से सड़क के इन गड्ढों को भरकर यहां तारकोल बिछाने की मांग की है। नगर कमेटी के अध्यक्ष सुमेश सपोलिया का कहना था कि लोक निर्माण विभाग से इस संदर्भ में बात की गई है। गड्ढों को भरने के लिए कहा गया है। विभाग की ओर से जल्द ही इन गड्ढों को भरने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे।