हीरानगर। बुधवार सुबह हुई जोरदार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया। लोगों के घरों में पानी घुस गया। एक दुकान में पानी घुसने से भीतर रखा सामान खराब हो गया। बाजारों की गलियों में भी जलभराव होने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सही निकासी न होने के कारण नालों का पानी लोगों के खेतों में घुसा जिससे वहां लगी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ।
हाईवे पर जलभराव से वाहन चालकों को भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चड़वाल में एक नाले का जलस्तर बढ़ने से घर और एक किराने की दुकान में पानी घुस गया। दुकान में रखे सामान को नुकसान हुआ। इसी नाले पर अतिक्रमण होने के कारण तेज बहाव का पानी लोगों के खेतों में घुस गया जिससे धान की फसल को काफी नुकसान हुआ।
रविंद्र सिंह ने कहा कि नाले पर अवैध कब्जों की वजह से सारा पानी खेतों में जा घुसा। इस नाले पर अतिक्रमण को हटाने के लिए पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार मांग कर चुके हैं। कुछ दिन पहले एसडीएम ने यहां से अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका नुकसान किसानों को झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए पिछले साल नवंबर दिसंबर से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। ब्लॉक दिवस पर फाइल मंडलायुक्त को भी सौंपी है। वहीं दूसरी तरफ उज्ज दरिया और तरनाह नाले में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। बॉर्डर डीएसपी सचित महाजन ने अपनी टीम के साथ स्थिति का जायजा लिया। बारिश की वजह से कई इलाकों में देर शाम तक बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।