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कठुआ में भी जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी लामबंद

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कठुआ। अपनी लंबित मागों को लेकर जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की जिले भर में हड़ताल जारी है। मंगलवार को कठुआ स्थित कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में भी कर्मचारियों ने लामबंद होकर पीएचई युनाइटेड फ्रंट के बैनर तले नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे गगनदीप सिंह ने कहा कि विभाग में दो दशक से ज्यादा लबे समय से सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों को सरकार ने नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं किया है। अस्थायी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिन्हें विभाग उनका पांच से सात साल तक बकाया वेतन भी नहीं दे रहा। सरकार द्वारा लगातार की जा रही अनदेखी से उन्हें मजबूरन हड़ताल का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सभी अस्थायी कर्मचारियों को एसआरओ-64 लागू कर पक्का करने के साथ सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों को उनका बकाया वेतन जारी करने के साथ, सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को उनके भविष्य के गुजारे के लिए कम से कम दस लाख रुाये की राशि जारी करने की मांग की। चेतावनी दी कि लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो पानी की आपूर्ति बंद कर देंगे। प्रदर्शन में पुष्पराज, धर्मपाल, सुरिंदर सिंह, जगदीश राज, मुनीर अहमद, अमन शर्मा, वीरेंद्र कुमार, शमशेर कुमार, रजिंदर सिंह आदि शामिल रहे।
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रामकोट में 48 घंटे और बढ़ाई हड़ताल
रामकोट। रामकोट में विभाग के अस्थाई कर्मचारियों ने काम छोड़ हड़ताल को 48 घंटे और बढ़ा दिया है। 22 जून से शुरू हुई काम छोड़ हड़ताल मंगलवार को भी तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी इलाकों में जारी रही। यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य विक्रम मगोत्रा ने कहा कि तक दिहाड़ी मजदूर ईमानदारी से काम कर रहे हैं और अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने इनके लिए कोई नीति नहीं बनाई है। 2014 चुनाव से पहले केंद्र और राज्य सरकार ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार सभी मोर्चों पर पूरी तरह विफल रही है। उत्तमचंद ने कहा कि जलशक्ति विभाग के दैनिक वेतन भोगी 14 दिन से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उन्हें नियमित करने में विफल है। 1994 के बाद से आज तक किसी भी अस्थायी मजदूर को सरकार द्वारा नियमित नहीं किया गया है। बिना पैसे के हम बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेंगे। यदि राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में परिवर्तित कर दिया गया है तो सरकार को दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश की तर्ज पर एक सम्मानित वेतन देना चाहिए।
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पक्की नौकरी के लिए एईई के
कार्यालय के बाहर दिया धरना
बिलावर। उपमंडल में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल 13वें दिन भी जारी रही। अस्थायी कर्मचारियों ने विभाग के एईई कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की गुहार लगाई। बीरबल, कमलेश, अल्ताफ, सुभाष, केवल, जोगेंद्र और अन्य कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनके लिए विभाग में स्थायी करने की नीति नहीं बनाती और उनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं करती तब तक यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले सभी अस्थायी कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर रहेंगे। ब्यूरो
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