हीरानगर। मुआवजा और बिजली बिल माफ करने की मांग को लेकर किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है।
किसानों ने तहसीलदार से मुलाकात की और अपनी मांगे उनके सामने रखीं। किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि कर्ज में डूबे किसानों को बिजली के मोटे बिल भेजे जा रहे हैं। सरकार ने कोई आर्थिक सहायता तो दी नहीं, लेकिन उन्हें परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। वर्ष 2013 और 2020 में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा अब तक नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अब जो फसल तैयार है, उसे बेचने के लिए भी किसानों को दरबदर भटकना पड़ रहा है। क्योंकि प्रशासन के खरीद केंद्र में न तो पंखा है और न ही बोरियां। इसके अलावा जो किसान पंजाब जाकर फसल बेचना चाहते हैं, उन्हें पंजाब पुलिस रोक रही है। एक तरफ मोदी सरकार का कहना है कि किसान कहीं भी जाकर अपनी फसल बेच सकते हैं। लेकिन, यहां स्थानीय मंडियों में फसल खरीदने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
वह बोले कि किसान को बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिलेगा, फसल के अच्छे भाव नहीं मिलेंगे और फसल नहीं बिकेगी तो वह अपने घर का पालन पोषण कैसे करेंगे? बैंक का कर्ज और बिजली के बिल कैसे चुका पाएंगे? धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि मांगे पूरी होने तक धरना इसी तरह से जारी रहेगा। धरने में नेकां नेता धर्मपाल कुंडल, मखनी बंदराल, सोहन सिंह, आदि शामिल रहे।