हीरानगर। कंडी क्षेत्र की कूटा पंचायत के सोहल गांव में पुराने कुएं का पानी पीने से 35 लोग बीमार हो गए। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। 105 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई, जिनमें 35 का स्वास्थ्य खराब पाया गया। एक वृद्ध महिला को उप जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य का इलाज गांव में ही किया गया।
जानकारी के अनुसार गांव में उल्टी और दस्त से डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे लोगों की संख्या पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही थी। बुधवार को यह समस्या गांव के ज्यादातर लोगों में देखने को मिली। गांव के बीमार लोग चौक में जमा हो गए और तुरंत इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच शुरू कर दी। हालांकि सभी लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने चौक के नजदीक प्राइमरी स्कूल में ही लोगों का उपचार शुरू कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह से काबू में है और समय रहते लोगों को दवाई मिलने से पानी से हुई इंफेक्शन जल्द ठीक करने में सफल रहे।
पूर्व सरपंच कांत कुमार ने बताया कि बुधवार दोपहर उन्हें गांव के लोगों के बीमार होने की जैसे ही सूचना मिली स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने के साथ ही वह भी मौके पर पहुंच गए। लोगों से बातचीत करने पर पता चला कि पुराने कुएं के पानी से स्वास्थ्य बिगड़ा है।
उन्होंने कहा कि पाइप लाइनों के जरिए रोजाना पानी की आपूर्ति न होने से लोग कुएं का पानी पीते हैं।
वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग और जलशक्ति विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर कुएं के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए और लोगों को हिदायत दी गई कि इसकी सफाई न होने तक पीने के लिए पानी का इस्तेमाल न करें।
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समय रहते इलाज मिलने से अब नहीं कोई खतरा
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. स्वामी शरण ने बताया कि कुएं का गंदा पानी पीने से शरीर में इंफेक्शन होने के कारण गांव के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेज दिया गया और खुद भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। समय रहते इलाज मिलने से लोगों की सेहत को किसी तरह का कोई खतरा अब नहीं है। एक वृद्ध महिला कमजोरी की वजह से बेहोश हो गई, जिसे उपजिला अस्पताल भेज दिया गया है।
जिस कुएं से लोग पानी पीते हैं वह पूरी तरह से खुला है और ऊपर घने पेड़ हैं। पेड़ों के ऊपर बैठने वाले जानवरों और पक्षियों की गंदगी भी उसी में गिरती है। उसकी वजह से भी यह पानी दूषित हो सकता है, जिसे पीने से लोगों की सेहत खराब हुई। जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि नियमित रूप से लोगों को पानी सप्लाई किया जाए।
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कुओं का पानी पीने
को मजबूर कंडी के लोग
कंडी क्षेत्र में अभी भी बहुत से ऐसे गांव हैं जहां नियमित रूप से पानी की आपूर्ति न होने से लोग मजबूरन कुओं का पानी पीते हैं। ज्यादातर कुएं ऊपर से खुले हुए हैं, जिनमें बारिश का गंदा पानी गिरता है, हवा चलने पर मिट्टी से भरे हुए पत्ते गिरते हैं कई बार तो पानी की तलाश में आए जंगली जानवर भी इनमें गिरकर मर जाते हैं, जिससे यह पानी दूषित होता है और इससे बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार लोग इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन इस इलाके में पेयजल समस्या का पूर्ण समाधान अभी तक नही हुआ है।