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एलआईसी कर्मियों ने किया प्रदर्शन

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कठुआ। देश की राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त मंच के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के दौरान इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग और सरकारी स्वामित्व वाले निगम के निजीकरण का विरोध किया है। सोमवार को दर्जनों भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने नोर्दन जोन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया।
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शहर के मुखर्जी चौक स्थित कार्यालय के समक्ष केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इकाई के जिला प्रधान मोहन लाल ने कहा कि निगम के कर्मचारी इस हड़ताल के माध्यम से एलआइसी के आईपीओ को वापस लेने, विदेशी निवेश में बढ़ोतरी को रोकने के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निजी हाथों में बेचने के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नया लेबर कोड जो हर मजदूर के लिए घातक है। उस निर्णय पर रोक लगाई जाए। साथ ही कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए। उन्होंने निगम में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मियों की भर्ती शुरू करने के साथ मजदूर विरोधी लेबर कोड का उन्मूलन किए जाने की मांग की।
वहीं इस मौके पर एसोसिएशन केे सचिव विजय वर्मा ने कहा कि वर्ष 1956 में जब देश के प्रथम वित्तमंत्री ने जीवन बीमा निगम का राष्ट्रीयकरण किया था तो सरकार ने पांच करोड़ की पूंजी का निवेश किया था। निगम के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की बदौलत आज निगम 39 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति की मालिक है। उन्होंने कहा कि आज 30 करोड़ व्यक्तिगत व 12 करोड़ से अधिक ग्रुप बीमा के अधीन पालिसी धारक है। यह सब उनके साथियों की मेहनत का नतीजा है। जिसे वह व्यर्थ नहीं जाने देंगे। इस मौके पर चरण दास भगत, विजय सरमाल, अश्विनी कुमार, प्रीति बाला, हरजीत सिंह, संतोख लाल, कुलदीप सिंह नितिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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