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कयामत की सुबह तक नहीं लौट सकता 370

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कठुआ। अनुच्छेद 370 और 35 ए अब इतिहास बन चुके हैं। कयामत की सुबह तक भी यह वापस नहीं आ सकते। बंदूक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती है। पाकिस्तान बातचीत चाहता है, तो उसे आतंक की फैक्ट्रियां और शिविर बंद करने होंगे, जिससे वह जम्मू-कश्मीर की धरती को लहूलुहान करता है। पाकिस्तान को उसकी भाषा में जवाब देना हमें आता है। गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। यह बातें कठुआ में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहीं।
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उन्होंने कहा कि लगातार भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने कश्मीर घाटी में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट चलाया है। आतंकी सरगना ढेर कर दिए गए हैं। आतंकवादियों और पाकिस्तानी समर्थकों में बौखलाहट है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टर परवेज अहमद डार जो इंटेलिजेंस विंग में कार्यरत थे, उन पर आतंकियों ने छुपकर हमला किया। डार ने अपने देश के लिए प्राण न्योछावर कर दिए। पूरा देश उन्हें नमन करता है। चुन-चुन कर आतंकियों का सफाया किया जाएगा। कश्मीर घाटी को आतंक मुक्त करते हुए पाकिस्तान की मानसिकता को सदा-सदा के लिए दूर कर दिया जाएगा।
गुपकार गठबंधन की ओर से दिल्ली वार्ता को लेकर रखी गई बातों का जवाब देते हुए रैना ने कहा कि बंदूक और वार्ता कभी एक साथ नहीं चल सकती। उन्होंने दो टूक कहा कि अनुच्छेद 370 और 35 ए इतिहास बन चुके हैं। अगले हजार जन्मों, कयामत की सुबह तक यह वापस नहीं आ सकते हैं।
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