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हाईवे के बीचों बीच बस, ऑटो और मिनीबस रोककर बैठा रहे सवारियां

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हाईवे पर बनी सर्विस लेन में खड़े वाहनों की लगी कतार। संवाद - फोटो : KATHUA
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कठुआ। शहर के कॉलेज मार्ग पर एक पखवाड़े के बीच सड़क हादसों में दो लोगों की मौत के बाद व्यवस्था में हुए बदलाव से कालीबड़ी चौक पर हादसे की आशंका बढ़ गई है। दरअसल जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे को शहर से जोड़ने वाले इस चौक पर सर्विस लेन की जगह हाईवे ही बस, ऑटो और मिनी बसों का स्टैंड बन चुका है। तेज गति से आ रहे वाहनों की अचानक लगने वाली यहां ब्रेक किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रही है। सर्विसलेन पर ऑटो और मिनीबसों का कब्जा हो चुका है, जिसपर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। यहां तक कि कालीबड़ी से जंगलोट के लिए जाने वाले अधिकतर वाहन गलत दिशा से हाईवे पर दिन भर दौड़ते नजर आ रहे हैं। खासकर स्कूलों और दफ्तरों की छुट्टी के समय यह और भी खतरनाक साबित होने वाला है।
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कठुुआ शहर के कॉलेज मार्ग पर फर्राटा भरने वाली बसों को हादसों का जिम्मेदार ठहराते हुए जहां शहर से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। वहीं हटली मोड़ से कालीबड़ी पहुंचने पर बसों के बीच स्टॉप पर होड़ रहती है। और बसों का यह स्टॉप हाईवे के बीचों बीच बन चुका है। वहीं जम्मू से आने वाली बसों को शहर की सवारियां कालीबड़ी में उतारनी होती है लेकिन सही व्यवस्था के अभाव में चौक के बीचों बीच जहां दिल चाहे वहां बस चालक ब्रेक लगा दे रहे हैं। ऐसे में यह हाईवे पर दौड़ने वाले वाहनों के लिए भी गफलत का कारण बनता है। जिससे हादसों को रोकने की व्यवस्था ने कालीबड़ी चौक को हादसों का ब्लैक प्वाइंट बना दिया है।
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बस यूनियन ने कहा नई व्यवस्था से थम जाएंगे बसों के पहिए
नगर परिषद कार्यालय में शनिवार को व्यापार मंडल, एआरटीओ, डीटीआई, पार्षदों, बस और मिनी बस यूनियन के साथ नगर परिषद अध्यक्ष नरेश शर्मा ने बैठक की। सभी पक्षों की समस्याओं को सुना गया। सीईओ नगर परिषद दिलीप अबरोल ने बताया कि बैठक में प्रशासन को पूर्व में सौंपे गए मसौदे पर बात हुई है जिसमें दो बसों को शहीदी चौक कॉलेज मार्ग और एक बस को हटली मोड़ से भेजे जाने, साथ ही ऑटो और मिनी बस स्टैंड को नए जगह शिफ्ट किए जाने का प्रपोजल दिया गया था।
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बस यूनियन के महाप्रबंधक ने बताया कि ट्रांस्पोर्टर पहले ही परेशान हैं, हादसे हों यह कोई नहीं चाहता। हुए हादसे के बाद वाहनों की आवाजाही को ही बंद कर देना कोई हल नहीं है। बताया कि इस फैसले की बस यूनियन वालों को कोई जानकारी नहीं दी गई। तीन सौ गाड़ी की रोजी रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। बताया कि शहर के बीच से मिनीबसों में बैठने वाली सवारियां चडवाल, दियालाचक तक मिनीबसों में जाने लग गई हैं ऐसे ही हालात रहे तो जल्द ही बस चालकों के पास डीजल डलवाने के पैसे नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि डीसी कठुआ से सोमवार को मुलाकात कर समस्या रखी जाएगी और समाधान की मांग की जाएगी।
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अपनी जिम्मेदारी निभाने की जगह विभागों ने बसों को ठहरा दिया हादसों के लिए जिम्मेदार
शहर की सड़कों पर अवैध पार्किंग और फुटपाथ पर अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की जगह बसों का रूट बदलकर विभागों ने पल्ला झाड़ लिया है। साफ तौर पर हादसे के लिए बसों को जिम्मेदार ठहरा दिया गया है जबकि अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। शहर में दौड़ने वाली मिनीबसों की स्पीड भी नियंत्रित नहीं है, जिससे अवैध पार्किंग से होने वाले हादसों के थमने की उम्मीद नहीं है।

शहर को हाईवे से जोड़ने वाले कालीबड़ी चौक पर बेलगाम चलते वाहन। संवाद- फोटो : KATHUA

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