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मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे का किया विरोध

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मंदिर की भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास के विरोध में प्रदर्शन करते गुरु नाभा दास के अनुयायी। संवाद - फोटो : KATHUA
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कठुआ। शहर के वार्ड सात स्थित गुरु नाभा दास के मंदिर की भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा किए जाने के प्रयास का मंदिर के अनुयायियों ने कड़ा विरोध किया है। वीरवार को दर्जनों अनुयायियों ने उसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रशासन से मंदिर की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक सागर चंद ने कहा कि लंबी जद्दोजहद के बाद वर्ष 2018 में तत्कालीन डीसी रोहित खजुरिया द्वारा उन्हें मंदिर निर्माण के लिए शहर के वार्ड सात में सात कनाल और 17 मरला जमीन दी थी। रकबा खालसा सरकार की इस भूमि पर कभी कब्रिस्तान हुआ करता था। जिस पर गुरु नाभा दास के अनुयायियों ने मंदिर का निर्माण करने के साथ-साथ भूमि को समतल भी बनाया है। पिछले कुछ दिनों से यहां पर एक व्यक्ति द्वारा मंदिर के लिए बनाए जा रहे मुख्य द्वार में यह कहकर बाधा उत्पन्न की गई कि उस जमीन में उसकी भी जमीन शामिल है। पूर्व विधायक का कहना था कि अगर उक्त व्यक्ति द्वारा 1996 में वहां पर किसी तरह से कोई भी जमीन उसने ली थी तो उसे उसका कब्जा करना था या फिर वहां कोई निर्माण करना चाहिए था। 25 सालों के बाद भी जब मंदिर का निर्माण और उसका समतलीकरण हो गया, तो अब वह मंदिर के इस भूमि में हस्तक्षेप कर रहा है, जो कि सरासर गलत है। इस तरह से मंदिर के निर्माण या उसके विकास में बाधा उत्पन्न होने से गुरु नाभा दास के हजारों अनुयायियों में भारी रोष है। लिहाजा प्रशासन मंदिर की भूमि सीमा का निर्धारण करवा कर यहां होने वाले किसी भी विवाद का पटाक्षेप करे, अन्यथा आने वाले दिनों में स्थिति खराब हो सकती है।
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प्रदर्शन में संतोष राज, पंजाब चंद, अमरनाथ भोगल, धुनी चंद, खेमराज, देवराज, अजय कुमार, भूपेंद्र राज, अनिरुद्ध शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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