कठुआ। जिला में धान की बंपर पैदावार को देखते हुए एक बार फिर गत बने धान खरीद के रिकार्ड को तोड़ने की कृषि विभाग ने तैयारी कर ली है। इसके तहत भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से जिला भर में दस मंडियों के माध्यम से धान खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
खरीफ के दौरान जिला भर के 28 हजार हेक्टेयर में लगने वाली धान की फसल में अर्ली वैराइटी की फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है। वहीं नवंबर माह से धान की सभी प्रजातियों की कटाई शुरू हो जाएगी। जिसे देखते हुए कृषि विभाग ने भी पूर्व में खोली जाने वाली आठ मंडियों को खोल दिया है। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए कठुआ के कीड़िया गंडयाल और हीरानगर के मुकुंदपुर में भी मंडियों को खोला जा रहा है।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिला में धान खरीद के लिए भजवाल, नगरी, जखबड़, पल्ली मोड़, छन्न रोड़िया, सांझी मोड़, कुंदे चक और डुंगाड़ा में आठ मंडियों के माध्यम से किसानों की फसल की खरीद की जाती रही है। बीते साल इन आठ खरीद केंद्रों पर दो लाख 41 हजार कुंतल धान की खरीद की गई थी जो कि जम्मू कश्मीर में सर्वाधिक रहा है। कृषि प्रधान जिला में इस बार इससे भी अधिक फसल के उत्पादन होना तय है। वहीं सरकार की ओर से बीते कुछ सालों से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य को देखते हुए किसानों का रुझान अब मोटे धान की ओर बढ़ रहा है। अब बासमती व 1121 जैसे प्रजाति की खेती करने वाले किसान भी मोटे धान की खेती को प्राथमिकता दे रहे। ऐसे में बढ़ती उपज केेे खरीद केंद्रों पर आना तय है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अब पड़ोसी राज्य में जाने वाला धान भी इन्हीं खरीद केंद्रों पर आना शुरू हो चुका है। ऐसे में पुराने रिकार्ड से भी ज्यादा खरीद होगी ऐसा अनुमान है।
लगातार बढ़ रहे धान के उत्पादन को देखते हुए किसानों की सुविधा के लिए अतिरिक्त मंडियां भी खोली जा रही है। जिसमें दो नई मंडियां मंजूर हुई है। जिसमें कीड़िया गंडयाल में मंडी शुरू हो चुकी है वहीं मुकंदपुर में एक दो दिनों में मंडी शुरू कर दी जाएगी। जहां दिसंबर माह तक खरीद की जाएगी।