महानपुर। कस्बे में पिछले सात दिनों से जारी श्रीमद्भागवत कथा संपन्न हुई। संत सुभाष शास्त्री ने कहा की मनुष्य को अपने धर्म का पालना अवश्य करनी चाहिए। इस संसार में जो धर्म की पालना करता है और ईश्वर को याद करते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करता है तो ईश्वर उसका पालन करता है। संत ने समझाते हुए कहा कि मनुष्य के लिए लाभ क्या है उसकी अच्छी संगत, दुख क्या है बुरी संगत।
आगे संत ने कहा कि हानि क्या है समय का दुरुपयोग, चतुरता क्या है कर्तव्य पालन, वीरता क्या है मन और इंद्रियों को काबू में रखना, फल क्या है सदविद्या का होना, सुख क्या है संतोष का होना, आज्ञा क्या है अपने कर्मों का परिणाम, इसलिए निर्णय अब खुद करें आपके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा। कहां की अपने धर्म का पालन करें और अपनी बुद्धि का सदुपयोग करें। वहीं इस मौके पर पंडाल में महिलाओं ने कीर्तन किया। श्रीमद्भागवत कथा के आखिर में भगवान को भोग लगाकर भंडारा आम लोगों के लिए खोल दिया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर भगवान से आशीर्वाद लिया।