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खारकीव के भूमिगत मेट्रो स्टेशन में हूं, दो दिन का ही बचा है राशन

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कठुआ। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की परेशानियां बढ़ गई हैं। हालात बदतर हो गए हैं। उनकी दिक्कतों को सुनकर घरवाले परेशान हो रहे हैं। कठुआ का अनिरुद्ध यूक्रेन के खारकीव शहर में मेडिकल की पढ़ाई करता है। शुक्रवार को उसने माता-पिता को वीडियो काल के जरिए बातचीत में बताया कि पिछले चौबीस घंटे से भी अधिक खारकीव शहर के अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन में फंसा हुआ है। यहां के एटीएम लूट लिए गए हैं। खाने पीने के लिए दो दिन से अधिक का सामान भी उपलब्ध नहीं है। चोरियां भी हो रही हैं।
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वीडियो कॉल पर उसने बताया कि बम शेल्टर में उसके साथ बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल लौटने की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। कठिन परिस्थितियों में फंसे बेटे से बातचीत के बाद शहर के प्रताप नगर निवासी ममता चौहान और एडवोकेट रंजन चौहान परेशान हैं। अब उन्हें भारत सरकार से उम्मीद है कि उनके बेटे को सही सलामत भारत लाया जाएगा। अनिरुद्ध के पिता एडवोकेट रंजन चौहान ने बताया कि खारकीव शहर से अनिरुद्ध और अन्य भारतीयों को निकालने के जल्द से जल्द प्रबंध सरकार को करनी चाहिए।
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खुशकिस्मत हूं जो युद्ध से पहले यहां आ गई: मुस्कान
यूक्रेन में युद्ध शुरू होने से पहले से आखिरी फ्लाइट से भारत पहुंचीं कठुआ की मुस्कान महाजन ने खुद को खुशनसीब बताया है। कहा कि वे जैसे ही भारत में पहुंची, उन्हें यूक्रेन में रूसी हमले की जानकारी मिली। जब तक वे यूक्रेन में थे, हालात सामान्य थे। कहा कि भारत सरकार को अन्य छात्रों की मदद करनी चाहिए।
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