बिलावर। उपमंडल के अलग-अलग नगरों और गांवों में रामलीला के मंचन की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उपमंडल के अलग-अलग गांवों में रामलीला का आयोजन होगा।
रामलीला के मंचन की तैयारियों को लेकर स्थानीय कलाकारों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। शाम ढलने के बाद ढोलक, तबला और हारमोनियम की धुन सुनाई देने लगती है। शंकर रामलीला क्लब बिलावर के प्रधान सुभाष चौधरी ने बताया कि रामलीला के मंचन के दौरान स्थानीय कलाकारों को काम करने का और अपनी कला को दिखाने का प्लेटफार्म मिलता है। रामलीला हमारे जीवन की शैली को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रामलीला के मंचन के दौरान भगवान श्री राम के जन्म से लेकर रावण के वध तक हर प्रसंग को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए कलाकार मेहनत कर रहे हैं।
बता दें कि राम नाटक क्लब भड्डू, रामलीला क्लब अप्पर बिलावर, समाज सुधार रामलीला क्लब किशनपुर, मंडली, कोहग और अन्य गांवों में शारदीय नवरात्रों में रामलीला का आयोजन किया जाता है। इन गांवों की ज्यादातर रामलीला मंडलियां पिछले 100 से अधिक वर्षों से रामलीला का मंचन करती आ रही हैं।